हिमांशु जांगरा को नौकरी से हाथ धोना पड़ा, स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो में की थी महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी
कार्यस्थल के बाहर जो कुछ हुआ है, उसका असर अब कार्यस्थल पर भी पड़ रहा है

AINS NES… गुरुग्राम के युवक हिमांशु जांगरा को स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो में महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी करने की वजह से नौकरी से हाथ धोना पड़ा। लड़के ने शो के दौरान कहा था कि ‘370 रुपये की बिरयानी खिलाई है, वसूल तो करूँगा…’ इस दौरान महिलाओं के लिए अश्लील बातें कही।

इस पर गुरुग्राम स्थित सोशल मीडिया और ब्रांडिंग फर्म स्टारविक डिजाइन ने हिमांशु जांगरा के खिलाफ एक्शन लेते हुए उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया। दरअसल महिलाओं पर की गई घटिया जोक सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इस दौरान यूजर्स ने उसे जमकर भला-बुरा कहा।
वीडियो के खिलाफ ऑनलाइन गुस्सा और कंपनी को भेजे गए मैसेज, ईमेल और कॉल को देखते हुए कंपनी ने उसे निकालने की घोषणा की। स्टारविक डिजाइन के संस्थापक विवेक विश्वकर्मा ने कहा कि विवाद ने कार्यस्थल और कंपनी की प्रतिष्ठा को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा, “कार्यस्थल के बाहर जो कुछ हुआ है, उसका असर अब कार्यस्थल पर भी पड़ रहा है। कंपनी, हमारी टीम, हमारे ग्राहकों और यहाँ के वातावरण के प्रति मेरी जिम्मेदारी है। इसीलिए हमने हिमांशु से अलग होने का फैसला किया है।”
यह विवाद कॉमेडियन प्रणित मोरे के एक लाइव शो के दौरान शुरू हुआ। जांगरा ने कॉमेडियन से बातचीत करते हुए एक महिला को खाने पर ले जाने और बदले में कुछ उम्मीद करने के बारे में बात की।
उन्होंने कहा कि जब महिला ने खाना खाने के बाद उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा तो उन्हें आश्चर्य हुआ। चिकन बिरयानी पर खर्च किए गए 370 रुपये का जिक्र करते हुए जांगरा ने कहा कि वह खर्च की गई रकम महिला से शारीरिक तौर पर ‘वसूलेंगे’। इस टिप्पणी की सोशल मीडिया पर जबरदस्त आलोचना हुई।
हालाँकि विरोध के बाद जांगरा ने माफी माँगी और अपना सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय कर दिया। लेकिन वायरल वीडियो पर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा जिसको देखते हुए उसे बर्खास्त कर दिया गया। विश्वकर्मा ने कहा कि ये टिप्पणियाँ आपत्तिजनक थीं और कंपनी के मूल्यों के खिलाफ थी।
उन्होंने कहा, “आपमें से कई लोगों की तरह, मैंने भी ऑनलाइन प्रसारित हो रहे उन वीडियो क्लिप्स को देखा। उन क्लिप्स में दिखाए गए बयान आपत्तिजनक हैं। मैं उनसे सहमत नहीं हूँ। हमारी कंपनी ऐसे विचारों का समर्थन नहीं करती और निश्चित रूप से उन्हें युवाओं के लिए खराब मैसेज है और उन्हें इससे दूर रहना चाहिए।”
वहीं, विश्वकर्मा ने कहा कि कार्यस्थल पर जांगरा के आचरण पर कभी कोई सवाल नहीं उठाया गया। उन्होंने महिला सदस्यों सहित सभी कर्मचारियों से बात की है। ज्यादातर ने जांगरा को पेशेवर और मेहनती और सम्मानित व्यक्ति बताया।
कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि यद्यपि लोगों को उनके कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, फिर भी उन्हें अपनी गलतियों से सीखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
कंपनी का मानना है, “एक व्यक्ति भयानक गलती कर सकता है। व्यक्ति को उसके परिणामों का सामना करना चाहिए, लेकिन उम्मीद है कि हम कभी भी ऐसा समाज नहीं बनने देंगे, जो यह मानता हो कि लोग सीख नहीं सकते, आत्मचिंतन नहीं कर सकते, माफी नहीं माँग सकते या बदल नहीं सकते।”
कंपनी का मानना है कि यह विवाद हिमांशु जांगरा के साथ लंबे समय तक बने रहेंगे और वह इस घटना से सबक लेंगे।




