RAIPUR

सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जा रही अमानक, नकली और निम्न स्तरीय दवा, लोकभवन में शिकायत

जाँच कमेटी गठन कर उच्च स्तरीय जाँच की मांग

AINS NEWS… पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने बताया कि पिछले कई महीनों से छत्तीसगढ़ राज्य के सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों को मिल रही दवाओं के निम्न स्तर को लेकर समाज में हो रही चर्चा एक गंभीर और चिंतनीय विषय बन चुका है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन नियमित अंतराल में सर्कुलर जारी कर अपनी ही सप्लाई की हुई दवाओं को ड्रग टेस्टिंग लैबोरेट्री से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर अमानक और निम्न स्तरीय बताकर वापस मंगाने और इन दवाओं को मरीजों को न बांटने का आदेश जारी करता रहा है। इससे साफ जाहिर होता है कि दवाई कंपनियों से मोटी रकम वसूल कर इस प्रकार छत्तीसगढ़ की जनता के स्वास्थय के साथ खिलवाड़ किया गया है।
इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों सहित सामुदायिक स्वास्थय केंद्र के डॉक्टर और नर्सिंग फार्मेसी स्टाफ मरीज को दवा बांटते और इंजेक्शन लगाते समय विपरीत लक्षणों को देखकर दवाओं के अमानक और निम्न स्तरीय होने की आशंका व्यक्त करते रहे हैं। लेकिन उच्च स्तर पर बैठे अधिकारियों द्वारा उनकी आवाज को दबाया जा रहा है और लोगों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है। सूचना प्राप्त हुई है कि इस बारे में कई बार छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन को लिखित सूचना भी दी गई है। ऐसा भी देखने में आया है मरीजों को दी जाने वाली दवाईयां आवश्यक स्टोरेज में नहीं रखी जातीं जिससे दवाई की क्वालिटी और अधिक ख़राब हो जाती है।
उपाध्याय ने बताया कि IV fluids , Normal Saline NS, DNS, RL अस्पतालों में महीनों से नहीं हैं, Folic acid की गोली जो सिकलिंग के मरीज़ और गर्भवती महिलाओं को दी जाती है महीनों से सप्लाई में नहीं है, सिकलिंग की जांच करने वाली kit तक अस्पतालों में नहीं है, enalapril ( BP की गोली) जून-जुलाई की शोर्ट एक्सपायरी वाली हैं, रेड क्रॉस संस्था में दवाइयां मेडिकल स्टोर के रेट में मिल रही जबकि वहां मूल्य कम हुआ करता था इसलिए रेड क्रॉस में मूल्य रिवाइज की आवश्यकता है।
पूर्व की कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थय सहायता योजना के तहत् जरूरतमंद मरीजों को 10 लाख, 15 लाख, 20 लाख तक के ईलाज हुआ करते थे लेकिन वर्तमान सरकार में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थय सहायता योजना लगभग बंद है। महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ राज्य की जनता के संरक्षक और पालक हैं छत्तीसगढ़ राज्य की स्वास्थय व्यवस्था और अस्पतालों में निम्न स्तरीय दवाओं के दुष्प्रभाव को आप भली-भांति समझते हैं। बहुत आवश्यक है कि पिछले दो वर्षों से छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के ज़रिए हो रही निम्न स्तरीय खरीदी पर तत्काल रोक लगाई जाए और छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों के बेहतर स्वास्थय के लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन द्वारा सप्लाई की जा रही खराब क्वालिटी की दवाओं के संबंध में आप समुचित क़दम उठाने के निर्देश राज्य सरकार को दें।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आपसे यह भी सादर अनुरोध है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए आप एक जांच दल गठित कर उच्च स्तरीय जाँच करने के निर्देश देवें। लोकभवन जाने वालों में विकास उपाध्याय के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष राकेश गुप्ता, प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल, पूर्व पार्षद मनोज कंदोई, डॉ. नरेन्द्र भुवाल, संदीप तिवारी, वेद प्रकाश कुशवाहा, श्रीनाथ भोगल आदि उपस्थित रहे।

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