बिलासपुर-पेंड्रारोड तीसरी और कटनी-पेंड्रारोड चौथी रेल लाइन परियोजना को हरी झंडी, पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन जल्द बनेगा नया जंक्शन
₹4,254 करोड़ की लागत से बिछेगी नई पटरियां, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश को मिलेगा बड़ा लाभ

AINS NEWS… केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए दो बड़ी मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी, यात्रियों के समय की बचत होगी और क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक व पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। ये सभी परियोजनाएं ‘पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ के तहत केंद्र सरकार की पूरी बजटीय सहायता से तैयार की जाएंगी।

परियोजनाओं का विवरण:
बिलासपुर (उसलापुर) – पेंड्रारोड तीसरी रेल लाइन:
लंबाई: 87 किलोमीटर | लागत: ₹1,279 करोड़ | समय सीमा: 4 वर्ष,लाभान्वित क्षेत्र: बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
पेंड्रारोड – कटनी चौथी रेल लाइन:
लंबाई: 201 किलोमीटर | लागत: ₹2,975 करोड़ | समय सीमा: 4 वर्ष,लाभान्वित क्षेत्र: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छ.ग.) तथा अनूपपुर, शहडोल, उमरिया व कटनी (म.प्र.)। फायदा: एसईसीएल (SECL) की कोरबा, गेवरा, दीपका और कुसमुंडा खदानों से मध्य व पूर्वी भारत के थर्मल पावर प्लांटों तक कोयला पहुंचाना तेज और आसान होगा।
पेंड्रारोड जल्द बनेगा नया रेलवे जंक्शन क्षेत्रीय यात्रियों और व्यापार के लिहाज से एक और बड़ी खुशखबरी है। पेंड्रारोड से गेवरा रोड (कोरबा) के बीच बन रही नई रेल लाइन का निर्माण कार्य भी अगले कुछ महीनों में पूरा होने की संभावना है। इस नई लाइन के शुरू होते ही पेंड्रारोड एक प्रमुख रेलवे जंक्शन के रूप में पहचाना जाएगा




