छत्तीसगढ़
रतनजोत के बीज को फल समझ कर खा लिया, नौ हुए बीमार, पढ़े पूरी खबर
देर शाम मंगलवार को घर के बाहर खेलते-खेलते नौ छोटे बच्चों ने रतनजोत के बीज को फल समझ कर खा लिया

AINS NEWS… बाहर खेलते-खेलते नौ छोटे बच्चों ने रतनजोत के बीज को फल समझ कर खा लिया। रतनजोत का फल खाने से सभी बच्चों को उल्टी-दस्त के साथ पेट में दर्द शरू हो गया। एक साथ नौ बच्चों की तबियत खराब होने पर गांव में हड़कंप मचा गया। परिजन सभी बच्चों को लेकर कापसी अस्पताल पहुंच गए। कापसी अस्पताल में डॉक्टराें ने इलाज शुरू कर दिया। पांच बच्चों को राहत मिली और चार बच्चों की हालत गंभीर होने पर पखांजूर सिविल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पीव्ही-35 बापूनगर में गांव के पास में बड़ी संख्या में रतनजोत का पौधा है। 5-10 वर्ष के उम्र के बच्चे खेलते-खेलते दोहपर बाद रतनजोत के पौधों के पास पहुंच गए। जहां रतनजोत का फल जमीन पर गिरा पड़ा था। रतनजोत के छोटे-छोटे फल को मीठा फल समझकर सभी बच्चे खा गए। कुछ देर में बच्चों में बेचैनी बढ़ी तो सभी भागते हुए अपने-अपने घर पहुंच गए।
आस पड़ोस में सभी बच्चों को एक जैसे दिक्कत होने पर गांव में हड़कंप मच गया। बच्चों से परिजनों ने पूछा कि खेलते-खेलते क्या खा लिए हैं। बच्चों ने रतनजोत के बारे में बताया तो सभी परिजन अपने-अपने बच्चों को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कापसी पहुंच गए। अस्पताल में एक साथ 9 बच्चों की तबियत खराब होने पर आनन फानन में इलाज शुरू कर दिया गया।
प्राथमिक उपचार होने पर पांच बच्चों के पेट में दर्ज कुछ कम होने लगा लेकिन अभय दास उम्र-5 वर्ष, ऋषिका व्यापारी उम्र -5 वर्ष, ऋश्रभ मंडल उम्र-5 वर्ष और विनीता मंडल उम्र-10 वर्ष को बेहतर उपचार के लिए पखांजूर सिविल अस्पताल भेज दिया गया। देर शाम से इन 4 बच्चों का इलाज पंखाजूर सिविल अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि सभी बच्चों की सेहत में काफी सुधार है। सभी बच्चे ठीक हैं। पूरी तरह से तबियत ठीक होने के बाद चारों बच्चों की छुट्टी दे दी जाएगी। डॉक्टरों ने परिजनों को सलाह दी कि बच्चों को रतनजोत के पौधों से दूर रखें। रतनजोत का बीज खाने से सेहत खराब हो सकती है। घर के आसपास के पौधों को नष्ट करा दें।




