छत्तीसगढ़

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हुए अधिकारियों पर सरकार मेहरबान, आखिर क्यों और कब तक भ्रष्टाचारियों को उपकृत करती रहेगी सरकार

जिस अधिकारी पर आर्थिक अपराध के आरोप लगे हैं उस अधिकारी दुर्गेश माधव अवस्थी को छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अनवेषण ब्यूरो का मुखिया बना दिया गया

AINS RAIPUR….भ्रष्टाचार के आरोपी आई. पी. एस. दुर्गेश माधव अवस्थी पर मेहरबान क्यों है भूपेश सरकार?
छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अनवेषण ब्यूरो के महानिदेशक दुर्गेश माधव अवस्थी के विरुद्ध उन्ही के विभाग में पांच प्राथमिकी अपराध दर्ज़ हैं। भ्रष्टाचार के ये आरोप महालेखाकर की 2017 की रिपोर्ट में पेज क्रमांक 47 से 69 में दर्ज़ हैं।
जब दुर्गेश माधव अवस्थी पुलिस हाऊसिंग कारपोरेशन के मैंनेजिंग डायरेक्टर थे उनके उस कार्यकाल के हैं.
जिस अधिकारी पर आर्थिक अपराध के आरोप लगे हैं उस अधिकारी दुर्गेश माधव अवस्थी को छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अनवेषण ब्यूरो का मुखिया बना कर रखना छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार की अज्ञानता का परिचय दे रहा है या भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करने की तरफ बढ़ते कदम हैं।

दुर्गेश माधव अवस्थी के विरुद्ध पूर्व में आय से अधिक सम्पत्ति की शिकायत की जा चुकी है उस पर भी आजतक कोई कार्यवाही नहीं की गई। लगता है भूपेश बघेल सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपियों को बचाने का ठेका ले लिया है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्गेश माधव अवस्थी को 31 मार्च 2023 को सेवा निवृति के एक वर्ष का कार्यकाल संविदा नियुक्ति दे कर और बढ़ाया जा रहा है।
भ्रष्टाचार के आरोपी विवेक ढाण्ड को नवाचार आयोग का अध्यक्ष बना दिया। भ्रष्टाचार के आरोपी सुभाष मिश्रा के विरुद्ध आजतक छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अनवेषण ब्यूरो चालान प्रस्तुत नहीं कर पाया है, जबकि सुभाष मिश्रा के विरुद्ध 2013 से अपराध दर्ज़ है। ऐसे कई आईएएस, आईपीएस, और आईएफएस अधिकारी हैं जो भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हुए हैं, जिन पर भूपेश सरकार मेहरबान है, आखिर क्यों और कब तक भ्रष्टाचारियों को उपकृत करती रहेगी भूपेश सरकार

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