छत्तीसगढ़

नियुक्ति या मुक्ति, 222 दिनों से आंदोलन कर रही अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी महिलाओं ने की मांग

उन्हें शिक्षा विभाग नहीं तो किसी भी विभाग में नियुक्ति दी जाए ताकि उनके समक्ष परिवार और बच्चों के पालन पोषण की जो जिम्मेदारी आन पड़ी है उसका निर्वहन हो सके

AINS NEWS RAIPUR…पिछले 20 अक्टूबर से यानी 222 दिनों से अपने अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रही महिलाएं अब शासन से दो टूक जवाब चाहती हैं, या तो उन्हें नियुक्ति दी जाए या फिर मुक्ति दी जाए, मतलब वह इच्छा मृत्यु की अनुमति मांग रही हैं। अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी कल्याण संघ की प्रांतीय अध्यक्ष माधुरी मृर्गे ने मीडिया के समक्ष आकर कहा कि उन्हें शिक्षा विभाग नहीं तो किसी भी विभाग में नियुक्ति दी जाए ताकि उनके समक्ष परिवार और बच्चों के पालन पोषण की जो जिम्मेदारी आन पड़ी है उसका निर्वहन हो सके। माधुरी ने बताया कि पिछले 222 दिनों से महिलाएं आंदोलनरत हैं, जिसमें बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल में महिलाएं दिन और रात बैठ रही हैं, उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रांतीय अध्यक्ष ने बताया कि 2021 में मुख्यमंत्री के निर्देश में एक कमेटी का गठन हुआ था लेकिन 20 माह बीत जाने के बाद भी कोई निराकरण नहीं हुआ, उन्होंने बताया कि उनसे शासन के विधायक और मंत्रियों ने भी मुलाकात की लेकिन सभी ने यही कहा कि जो भी करेंगे मुख्यमंत्री करेंगे। अब ऐसे में मुख्यमंत्री से सराहनीय पहल की उम्मीद लगाए अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी कल्याण संघ की महिलाओं ने आगे भी अपना धरना जारी रखने की बात कही है।

 

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