छत्तीसगढ़

राजधानी रायपुर में गौ-तस्करी का बड़ा मामला, विकास उपाध्याय ने गौसेवकों एवं आमजनों के साथ आमानाका थाने में जाकर एफआईआर दर्ज कराई

गौरक्षक एवं आमजनों ने मिलकर इस तस्करी के खिलाफ चक्काजाम भी किया, जहाँ विकास उपाध्याय भी पहुँचे

AINS NEWS 24X7 रायपुर…. पूर्व विधायक एवं एआईसीसी सचिव विकास उपाध्याय आज हीरापुर पहुँचे जहाँ गौतस्करों को पकड़ा गया। विकास उपाध्याय ने बताया कि लगभग 80 गाय को तस्करों द्वारा अन्य स्थान ले जाया जा रहा था जिसमें से 13 गाय मृत हो गयीं थीं। उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार में गौ माता की रक्षा के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में गौठान का निर्माण किया, जहाँ पर गौ माता की आहार से लेकर ईलाज तक की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती थीं,

वहीं भारतीय जनता पार्टी की सरकार जब-जब बनती है गौ माता की तस्करी बढ़ जाती है। इसके पूर्व भी अनेकों बार कई घटनाएँ हो चुकी हैं। वे कुम्हारी टोलनाका कंटेनर को रूकवाये और कंटेनर को खोलकर देखा तो उसमें 80 गोवंश बरामद किया गया, जिनको वे हीरापुर के जरवाय स्थित गौठान में सकुशल पहुँचाये। विकास उपाध्याय गौसेवकों एवं आमजनों के साथ आमानाका थाने में जाकर एफआईआर दर्ज भी कराई और उन्होंने कहा कि बहुत ही दुःख का विषय है कि ऐसी संवेदनशील घटना के हो जाने के बाद भी सत्ताधारी पक्ष का एक भी जवाबदार आदमी व नेता न ही घटना स्थल पर पहुँचे और न ही कोई थाने में पहुँचे। विकास उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही गौ तस्करी शुरू हो गई है। गौ सेवकों ने जान पर खेल कर मवेशियों से भरा कंटेनर पकड़ा है, पर साय सरकार के दबाव में पुलिस तस्करों को पकड़ना छोड़ गौ सेवकों पर कार्यवाही करने की धमकी दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि मवेशियों को हमारे द्वारा बनाए गए जरवाय गौठान में रखा गया है, इसलिए वे गौ सेवकों का साथ देने मौके पर तत्काल पहुँच गए। उपाध्याय ने कहा कि एक साथ एक कंटेनर में इतनी सारी गौ माता को डालने में समय भी लगा होगा, तब तक शासन-प्रशासन के लोग कहाँ थे? ये बगैर मिली-भगत के संभव नहीं है और इन गौ माता को कहाँ से उठाया गया और कहाँ लेकर जा रहे थे, यह जाँच का विषय है। गौरक्षक एवं आमजनों ने मिलकर इस तस्करी के खिलाफ चक्काजाम भी किया, जहाँ विकास उपाध्याय भी पहुँचे।

 

Related Articles

Back to top button