सिस्टम की उदासीनता के चलते रोजाना हो रही मवेशियों की मौत, ना सरकार सुध ले रही ना ही गौ पालक, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन भी नही
15 अगस्त को मुख्यमंत्री अपने भाषण में तीन गौ अभ्यारण तत्काल शुरू करने की घोषणा कर सकते हैं

AINS NEWS… आए दिन हमें सड़कों पर मवेशियों की मौत की खबर सुनने और देखने को मिलती है आखिर इसका कारण क्या है कि यह बेजुबान जानवर वाहनों के पहियों के नीचे आ जाते हैं और मौत के काल में समा जाते हैं। लगातार बढ़ रही मवेशियों की मौत की घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने गौ पालक, राज्य सरकार यहां तक की नगर निगम को भी गाइडलाइन जारी की है कि आवारा मवेशियों के लिए समुचित व्यवस्थाएं की जाए। लेकिन इस आदेश पर प्रशासनिक अधिकारी पलीता लगाते हैं जिसके चलते ये मवेशी मौत के शिकार हो जाते हैं।

बहरहाल हम छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां भी मवेशियों की मौत के आंकड़े कम नहीं है। बीते दिनों दुर्ग के शिवनाथ नदी पुल पर 9 मवेशियों को किसी अज्ञात वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया था इसी तरह कई और घटनाएं सामने आती रहती हैं।
पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने आवारा मवेशियों को उचित सुविधा मुहैया कराने के लिए गौठानों का निर्माण किया था लेकिन उसका संचालन समुचित तरीके से नहीं हो पाया बावजूद इसके कि उसके संचालन के लिए गौठान समितियां भी बनाई गई थी लेकिन कई गौठानों का उपयोग असामाजिक तत्व करते रहे ऐसी तस्वीर भी सामने आई थी, लेकिन अब राज्य में सरकार बदल गई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने राज्य में गौवंशों की संरक्षण और संवर्धन के लिए गौ अभ्यारण बनाने की कार्य योजना तैयार करने के लिए उच्च अधिकारियों को निर्देशित किया है, लेकिन योजना पर कितना काम हुआ है यह तो अधिकारी ही जाने।
खबर मिली है कि आगामी 15 अगस्त को मुख्यमंत्री अपने भाषण में तीन गौ अभ्यारण तत्काल शुरू करने की घोषणा कर सकते हैं। मात्र तीन गौ अभ्यारण को लेकर भी विपक्षी दल कांग्रेस ने निशाना साधा है और कहा है की मात्रा तीन अभ्यारण में इतनी गायों को कैसे रखेंगे। बहरहाल छत्तीसगढ़ राज्य अपने निर्माण को लेकर सिल्वर जुबली वर्ष में प्रवेश करने को है लेकिन फिर भी मवेशियों के लिए उचित व्यवस्था आज तक नहीं की जा सकी यह समझ से परे है। क्या ये आवारा मवेशी जिन्हें गौ पालकों और प्रशासन की उदासीनता के चलते आवारा कहना पड़ रहा है इनकी रहने और भोजन की व्यवस्था कब होगी इसकी प्रतिक्षा आज भी है।




