प्रोफेसर विनोद शर्मा की हालत स्थिर, इस मामले में अभी दो प्रमुख आरोपियों की भी तलाश की जा रही है
अन्य आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करेगी दुर्ग पुलिस? फरार मुख्य 3 आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी
AINS NEWS… दुर्ग पुलिस ने प्रोफेसर विनोद शर्मा पर जानलेवा हमला करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सूत्रों के मुताबिक इस घटनाक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और उनके पुत्र की भूमिका सन्देहास्पद बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि हमलावर भोपाल और रीवा से छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, शेष आरोपियों की तलाश जारी है। इस मामले में पुलिस ने प्रसून पांडे, उत्कर्ष द्विवेदी और कर्ण पाठक नामक तीन युवकों को रीवा से गिरफ्तार किया है।

सूत्रों के मुताबिक पूरा मामला प्रेम प्रसंग के साथ-साथ भिलाई के एक स्थानीय प्राइवेट यूनिवर्सिटी में लगभग 100 करोड़ के बेनामी निवेश से जुड़ा बताया जा रहा है। इस यूनिवर्सिटी में साधारण पढ़ाई लिखाई और नौकरी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री की पुत्री अचानक डायरेक्टर बन गई। किसी कर्मचारी को यूनिवर्सिटी का अचानक डायरेक्टर बनाए जाने का प्रदेश में यह पहला मामला है। इतनी मोटी रकम पूर्व मुख्यमंत्री की पुत्री के नाम पर किसने और क्यों निवेश की है, यह जांच का विषय है।

घटना के बाद इलाज करा रहे डॉक्टर खूबचंद बघेल कॉलेज में कार्यरत प्रोफेसर विनोद शर्मा की हालत स्थिर बताई जा रही है, बताया जा रहा है कि पीड़ित प्रोफेसर को मौत के घाट उतारने आरोपी मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ आए थे। घटना के वक्त उनके ड्राइवर ने उनकी जान बचाने की कोशिश की लेकिन उसे भी हमलावरों ने मारा और ड्राइवर ने भाग कर अपनी जान बचाई थी। विगत 19 जुलाई को प्रोफेसर पर हमला करने के पूर्व हमलावरों ने जिन मोबाइल नंबरों पर बात की थी उसे पुलिस द्वारा ट्रेस किया जा रहा है। इस मामले में अभी दो प्रमुख आरोपियों प्रवीण शर्मा और शिवम मिश्रा की भी तलाश की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना से पूर्व कॉलेज के करीब स्थित एक चाय पान की दुकान में सिगरेट लेने के लिए प्रोफेसर जैसे ही उतरे उन पर हमलावरों ने लाठी डंडों से हमला कर दिया। पीड़ित को मारा समझ कर आरोपी मौके से भाग निकले थे। हमलावरों के रुख को देखते हुए कार में मौजूद ड्राइवर घटना स्थल से सुरक्षित भाग निकला और उसने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर बेसुध पड़े पीड़ित को स्थानीय लोगों की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। बताया गया है कि शरीर के विभिन्न हिस्सों में पीड़ित को 18 टांके लगाए गए हैं।
अन्य आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करेगी दुर्ग पुलिस?
फिलहाल समय पर इलाज मुहैय्या होने से पीड़ित की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने घटना के पर्याप्त सबूत से राज्य गृह मंत्रालय को अवगत करा दिया है, अब गृहमंत्री विजय शर्मा के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। घटना को अंजाम दिए लंबा समय बीत जाने के बावजूद इस घटना की निष्पक्ष जांच को लेकर भाजपा और राज्य सरकार का रुख अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, अब देखना दिलचस्प होगा कि पूरे घटनाक्रम की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें पूर्व मुख्यमंत्री और उनके बेटे का नाम क्यों और कैसे आ रहा है, कहीं यह कोई राजनीतिक षड्यंत्र तो नहीं?




