कलाकारों ने बताया कैसे टेक्नोलॉजी ने बदल दी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की तस्वीर!
आज कास्टिंग से लेकर कंटेंट के प्रमोशन तक, हर चीज ऑनलाइन हो गई है

AINS NEWS मुंबई… समय के साथ टेक्नोलॉजी ने न सिर्फ कहानियां कहने का अंदाज बदला है, बल्कि उन्हें बनाने, निभाने और लोगों तक पहुंचाने का तरीका भी पूरी तरह बदल दिया है। कभी स्क्रिप्ट्स कागज पर लिखी जाती थीं, स्टूडियो में रिहर्सल होती थी और हर काम तय क्रम में होता था। लेकिन अब एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ने डिजिटल रूप में जबरदस्त बदलाव देखा है। आज कास्टिंग से लेकर कंटेंट के प्रमोशन तक, हर चीज ऑनलाइन हो गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, क्लाउड पर स्क्रिप्ट शेयर करना, वॉयस-ओवर ऐप्स और सोशल मीडिया जैसे टूल्स की मदद से कलाकार अब ज्यादा स्मार्ट, तेज और क्रिएटिव तरीकों से काम कर रहे हैं। इस नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर, एण्डटीवी के कलाकारों ने बताया कि कैसे टेक्नोलॉजी ने उनके ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन सफर को सशक्त बनाया है। इन कलाकारों में शामिल हैं – नीता मोहिंद्रा (‘भीमा‘ की कैलाशा बुआ), हिमानी शिवपुरी (‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की कटोरी अम्मा) और आसिफ शेख (‘भाबीजी घर पर हैं‘ के विभूति नारायण मिश्रा)।

नीता मोहिंद्रा, जोकि ‘भीमा‘ में कैलाशा बुआ का किरदार निभा रही हैं, कहती हैं, “मैं इस इंडस्ट्री में कई दशक से काम कर रही हूं और मैंने देखा है कि कैसे मैनुअल और समय लेने वाली प्रक्रिया अब टेक्नोलॉजी की मदद से आसान और तेज हो गई है। भले ही मैं बहुत ज्यादा टेक-सेवी नहीं हूं, लेकिन इस बात से इंकार नहीं कर सकती कि टेक्नोलॉजी ने हमारे काम को कितना आसान बना दिया है। आजकल एडवांस कैमरा लेंस, शानदार वीएफएक्स और एनिमेशन की मदद से कहानी कहने का अंदाज पहले से कहीं बेहतर हो गया है। पहले एक डायलॉग की डबिंग के लिए स्टूडियो जाना पड़ता था, अब मोबाइल ऐप्स से घर बैठे साफ आवाज रिकॉर्ड करके भेज सकते हैं। ये सच में गेम-चेंजर है, जिससे काम तेज, बेहतर और सुविधाजनक हो गया है।”

हिमानी शिवपुरी, जो ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ में कटोरी अम्मा का किरदार निभा रही हैं, ने कहा, “टेक्नोलॉजी का यह बदलाव वाकई में जबरदस्त रहा है। मैं उस दौर की महिला हूं जब स्क्रिप्ट हाथ से लिखी जाती थी, बातचीत लैंडलाइन फोन पर होती थी और रिहर्सल के लिए सबको एक जगह इकट्ठा होना पड़ता था। उस जमाने की अपनी अलग बात थी, लेकिन आज जो सुविधाएं हमारे पास हैं, वो सच में हमें सशक्त बनाती हैं। आज बस एक स्मार्टफोन से ही मैं स्क्रिप्ट पढ़ सकती हूं, रिहर्सल कर सकती हूं, रील्स शूट कर सकती हूं और सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस से जुड़ी रह सकती हूं। टेक्नोलॉजी ने हमें वो आजादी और पहुंच दी है, जिसकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। भले ही मैं पुराने ख्यालात की हूं, लेकिन इस डिजिटल बदलाव को मैंने पूरी तरह अपनाया है कि क्योंकि यह मुझे हर दिन कुछ नया करने की प्रेरणा देता है।”

आसिफ शेख, ऊर्फ ‘भाबीजी घर पर हैं‘ के विभूति नारायण मिश्रा ने कहा, “मैंने टेक्नोलॉजी को एक छोटी-सी मदद से लेकर आज की जरूरत बनते हुए देखा है। पहले अगर स्क्रिप्ट चाहिए होती थी, तो कोई व्यक्ति उसे हाथ में लेकर देने आता था। अब चाहे मैं कहीं भी हूं, स्क्रिप्ट मुझे मोबाइल पर तुरंत मिल जाती है। कई बार मैं अपने डायलॉग रिकॉर्ड करके चलते-फिरते सुनता हूं, इससे उन्हें याद रखना आसान होता है और समय भी बचता है। शेड्यूलिंग, ट्रैवल कोऑर्डिनेशन और रिहर्सल- सब कुछ अब बहुत आसान हो गया है। टेक्नोलॉजी ने हमें मल्टीटास्किंग का मौका दिया है, जो हमारी तेज और दबाव वाली इंडस्ट्री के लिए बहुत जरूरी है। आज हम जिस तरह से काम करते हैं, सीखते हैं और जुड़े रहते हैं, वह सब कुछ बदल चुका है। डिजिटाइज्ड प्रोडक्शन से लेकर वर्चुअल फैन इंटरैक्शन तक, एंटरटेनमेंट की दुनिया पर टेक्नोलॉजी का असर साफ नजर आता है। जिस काम के लिये पहले कई दिन लगते थे, वह अब कुछ मिनटों में हो जाता है। एक्टर्स के लिए यह सिर्फ सहूलियत नहीं है, बल्कि यह उनके काम में क्रिएटिविटी, एफिशिएंसी और लंबी उम्र लाने का जरिया भी बन गया है।”




