प्रदेश के 8 युवा IPS अधिकारियों को खतरनाक इलाक़ों में भेज दिया गया, गृह विभाग ने तबादले का आदेश किया जारी
सभी 2021 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी

AINS NEWS… विष्णुदेव साय सरकार ने एक ऐसा फ़ैसला लिया है, जिसने सबको चौंका दिया है। प्रदेश के 8 युवा IPS अधिकारियों को उनकी आरामदायक शहरी पोस्टिंग से सीधे उन इलाक़ों में भेज दिया गया है, जिन्हें ‘खतरनाक’ माना जाता है सुकमा के डोंड्रा गाँव के पास आईईडी विस्फोट ने हमसे एक जांबाज़ अफ़सर छीन लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरेपुंजे शहीद हो गए। उनके साथ मौजूद दो और अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। शहीद गिरेपुंजे की शहादत के ठीक अगले दिन, मंगलवार की शाम को, राज्य के गृह विभाग ने तबादले का आदेश जारी किया। इस आदेश में 8 नाम थे… ये सभी 2021 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी थे। ये सभी अब तक अलग-अलग ज़िलों में नगर पुलिस अधीक्षक, यानी CSP के पद पर तैनात थे।

पहले अधिकारी हैं, रोहित कुमार शाह। अब तक ये सरगुजा में सीएसपी के तौर पर अपनी सेवाएँ दे रहे थे। अब इन्हें भेजा गया है सुकमा ज़िले में। जी हाँ, वही सुकमा, जहाँ हाल ही में एएसपी गिरेपुंजे शहीद हुए। रोहित शाह अब वहाँ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल विरोधी अभियान) का पद संभालेंगे। ये एक ऐसी पोस्टिंग है, जहाँ हर दिन एक नई चुनौती होगी।
दूसरे अधिकारी हैं, उदित पुष्कर। ये अब तक बस्तर ज़िले के जगदलपुर में सीएसपी थे। बस्तर का अनुभव इन्हें पहले से है, लेकिन अब इनकी चुनौती और बड़ी हो गई है। इन्हें दंतेवाड़ा ज़िले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल विरोधी अभियान) के रूप में पदस्थ किया गया है। दंतेवाड़ा, जो नक्सलियों का एक और मज़बूत गढ़ माना जाता है।
कोरबा के सीएसपी रहे रवींद्र कुमार मीना और रायपुर के सीएसपी रहे अमन कुमार रमन कुमार झा, दोनों को बीजापुर ज़िले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल विरोधी अभियान) की ज़िम्मेदारी दी गई है। सरकार का ये क़दम दिखाता है कि बीजापुर में नक्सल गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम कसने की तैयारी है।
लिस्ट में अगला नाम है आकाश श्रीश्रीमल का। ये जगदलपुर में सीएसपी के पद पर तैनात थे। अब इन्हें कांकेर ज़िले के भानुप्रतापपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल विरोधी अभियान) बनाकर भेजा गया है। कांकेर भी उन ज़िलों में से है, जहाँ नक्सलियों की मौजूदगी सुरक्षाबलों के लिए हमेशा एक चुनौती रही है। नारायणपुर और यहाँ का अबूझमाड़ का इलाक़ा जिसे नक्सलियों की राजधानी तक कहा जाता है। इस बेहद संवेदनशील और ख़तरनाक जगह की ज़िम्मेदारी भी दो युवा कंधों पर डाली गई है।
रायपुर के सिविल लाइंस के सीएसपी अजय कुमार और बिलासपुर के सीएसपी अक्षय प्रमोद सबदरा, दोनों को अब नारायणपुर ज़िले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल विरोधी अभियान) के तौर पर तैनात किया गया है। ये शायद इन 8 अधिकारियों में से सबसे कठिन पोस्टिंग में से एक है।
आठवें और आख़िरी अधिकारी हैं आकाश कुमार शुक्ला। जो अब तक रायगढ़ ज़िले में सीएसपी थे। इनकी पोस्टिंग थोड़ी अलग है, लेकिन बेहद अहम है। इन्हें दुर्ग ज़िले के बघेरा में स्पेशल टास्क फ़ोर्स, यानी STF में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल विरोधी अभियान) के तौर पर पदस्थ किया गया है। STF वो घातक बल है, जो सीधे नक्सलियों के गढ़ में घुसकर ऑपरेशन करती है। आकाश शुक्ला अब इस फ़ोर्स का हिस्सा बनकर ज़मीनी अभियानों को लीड करेंगे।




