16000 एनएचएम कर्मचारियों का रायपुर में जेल भरो आंदोलन
छत्तीसगढ़ के 33 जिलों से 16,000 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी आज पहुंचेंगे रायपुर

AINS NEWS… कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले 31 दिनों से हड़ताल पर डटे हुए हैं। उनकी 10 सूत्रीय मांगें –

नियमितीकरण व संविलियन
ग्रेड पे,
पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना,
लंबित 27% वेतन वृद्धि,
सहित 10 मांगो को लेकर पिछले 31 दिनों से हड़ताल में हैं
वही सभी 33जिलों के कर्मचारी रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और महामहिम राज्यपाल रमेन ढेका के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति की मांग की गई।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने कहा:-
> “शासन द्वारा कर्मचारियों को लगातार बर्खास्तगी की चेतावनी और नौकरी से निकालने के पत्र दिए जा रहे हैं, बावजूद इसके एक भी कर्मचारी वापस काम पर नहीं लौटा है। हम अपनी मांगों के लिखित आदेश तक संघर्ष जारी रखेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि बीते 20 वर्षों से एनएचएम कर्मचारी बिना किसी सामाजिक सुरक्षा, नियमितीकरण, ग्रेड पे और अवकाश सुविधा के कार्य कर रहे हैं। कोविड महामारी के दौरान भी इन्हीं कर्मचारियों ने कोरोना वारियर्स के रूप में जान जोखिम में डालकर सेवाएं दीं, पर आज उनके हक की मांग पर सरकार दमनकारी नीति अपनाकर नौकरी से निकालने का प्रयास कर रही है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र लिखित निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश और मणिपुर, असम में एनएचएम कर्मचारियों को नियमितीकरण व ग्रेड पे जैसी सुविधाएं दी जा चुकी हैं, तो छत्तीसगढ़ में यह भेदभाव क्यों? जबकि भाजपा सरकार ने अपने घोषणा पत्र और मोदी गारंटी में 100 दिनों के भीतर समाधान का वादा किया था। अब सरकार बने 20 माह से अधिक हो गए, लेकिन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इसलिए इतने बड़े आंदोलन की आवश्यकता हुए हैं,
संघ के प्रदेश प्रवक्ता पूरन दास ने आम जनता से स्वास्थ्य सेवाओं में हो रही असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि कर्मचारी अपने हक व अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं।




