राजनीति

तूता धरना स्थल से प्रतिबंध हटाये,धरना प्रदर्शन पर टैक्स लेने का आदेश वापस हो- धनंजय सिंह ठाकुर

धरना प्रदर्शन पर टैक्स वसूलना तुगलकी फरमान,भाजपा सरकार के खिलाफ उठ रही आवाज कुचलने की नीति

AINS NEWS… राजधानी रायपुर में धरना प्रदर्शन पर 500 रु. शुल्क एवं पंडाल लगाने पर 5 रू. स्केव्यर फीट शुल्क लेने और तुता धरना स्थल पर आंदोलन की रोक को भाजपा सरकार का लोकतंत्र विरोधी कृत्य बताते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने तुता धरना स्थल नवा रायपुर में आंदोलन पर रोक एवं रायपुर शहर में धरना प्रदर्शन पर 500 रु टैक्स लगाने का तुगलकी फरमान जारी किया है। 21 महीने में सरकार आलोकप्रिय चुकी है। भाजपा सरकार की वादाखिलाफ एवं असफलता को लेकर आम जनता, युवा, महिलाये, किसान, शासकीय कर्मचारी, ट्रांसपोर्ट वाहन चालको में गहरी नाराजगी है। आंदोलन से जनता का आक्रोश सड़को पर दिख रहा है, जिसे घबराई भाजपा सरकार अब लोकतंत्र का गला घोंट रही है। सरकार के खिलाफ उठ रही विपक्ष और जनता की आवाज को कुचलेने के लिए भाजपा सरकार ने तुगलकी फरमान जारी किया है। इसे तत्काल वापस लिया जाये।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह एवं महापौर मीनल चौबे से पूछा जब वह विपक्ष में थे, तब आंदोलन करते थे तो क्या वह 5 रू. प्रति फीट के हिसाब से टैक्स का भुगतान करते थे? फिर आज उनकी ट्रिपल इंजन की सरकार रायपुर में प्रदर्शन पर टैक्स लेने का फरमान कैसे जारी कर दिया? क्या भाजपा सरकार प्रदेश को हिटलर शाही से चलाना चाहती है विपक्ष और जनता की आवाज को दबाना चाहती है आखिर सरकार में इतना डर क्यों है? भाजपा सरकार में तो आंदोलनकारियो को प्रताड़ना झेलना पड़ रहा है। जिस प्रकार से कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ आंदोलन करने पर गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया जा रहा है उन्हें जेल में बंद किया जा रहा है। आंदोलन कर रहे दिव्यांगजनों को आधी रात को अभनपुर के थाना क्षेत्र में ले जाकर तालाबंदी कर दिया गया। एनएचएम के कर्मचारियों को डराया धमकाया गया। भाजपा के तानाशाही से न विपक्ष डरेगी न जनता हम लोकतंत्र के तहत मिले आंदोलन के अधिकारों का उपयोग करते हुए भाजपा की तानाशाही सरकार के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन करेंगे।

 

Related Articles

Back to top button