“हाफ बिजली बिल योजना” प्रदेश के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत
बिजली विभाग ने "हाफ बिल" को 200 यूनिट तक बढ़ाने का कर लिया पूरा खाका तैयार

AINS NEWS… बिजली विभाग ने “हाफ बिल” को 200 यूनिट तक बढ़ाने का पूरा खाका तैयार कर लिया है। यह फाइल मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दी गई है। खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी इस योजना को लेकर सकारात्मक संकेत दे चुके हैं, जिससे उम्मीदें और बढ़ गई हैं। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह प्रदेश के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत होगी।

मान लीजिए, आपका परिवार हर महीने 200 यूनिट बिजली खर्च करता है। मौजूदा व्यवस्था में, यानी 100 यूनिट की सीमा के हिसाब से, आपका औसत बिल लगभग 840 से 870 रुपए के बीच आता है। क्योंकि आपको सिर्फ पहले 100 यूनिट पर ही हाफ बिल का फायदा मिलता है, और अगले 100 यूनिट का पूरा पैसा देना पड़ता है।
लेकिन, जैसे ही यह नई योजना लागू होगी, आपको पूरे 200 यूनिट पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, जो बिल अभी 800 से 900 रुपए तक आ रहा था, वह घटकर सीधे 420 से 435 रुपए तक रह जाएगा। यह लगभग 450 रुपए की सीधी बचत है। यह राहत उन मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए बहुत मायने रखती है, जिनका बजट बिजली के बिल पर टिका होता है।
1 अगस्त 2025 को ही सरकार ने हाफ बिजली बिल योजना पर एक बड़ा बदलाव किया था। इससे पहले, प्रदेश में कांग्रेस की भूपेश सरकार के समय 1 मार्च 2019 को यह योजना शुरू हुई थी। तब इसका दायरा 400 यूनिट तक का था। यानी, 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर सिर्फ आधा बिल देना होता था। यहाँ तक कि अगर आपकी खपत 400 यूनिट से ज्यादा भी होती थी, तब भी पहले 400 यूनिट पर आपको यह छूट मिलती ही थी।
लेकिन 1 अगस्त 2025 को, नई सरकार ने इस 400 यूनिट की सीमा को घटाकर सिर्फ 100 यूनिट कर दिया। इस एक बदलाव का असर लाखों परिवारों पर पड़ा और लोगों के बिजली बिल लगभग दोगुने हो गए। जो लोग 300 या 400 यूनिट खर्च कर रहे थे, उन पर सबसे ज्यादा मार पड़ी।
सरकार के इस फैसले का चौतरफा विरोध शुरू हुआ। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया। कई जिलों में आम उपभोक्ताओं ने भी बढ़े हुए बिलों के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन किया। खासकर ग्रामीण इलाकों और छोटे परिवारों पर इसका आर्थिक असर साफ दिखने लगा था।
शायद यही वजह है कि सरकार इस लगातार विरोध और जनता की प्रतिक्रिया के बाद ही सरकार ने अब अपना रुख बदलते हुए इस सीमा को 100 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
प्रस्ताव फिलहाल मुख्यमंत्री सचिवालय में है। जानकारी के मुताबिक, इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के बाद इसे मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। सीएम की हरी झंडी मिलते ही, इसे मंत्रिमंडल की बैठक में पेश किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।
अगर सब कुछ तय समय पर होता है, तो यह उम्मीद की जा रही है कि दिसंबर महीने से ही छत्तीसगढ़ में “हाफ बिजली बिल योजना” का यह नया, विस्तारित रूप लागू हो सकता है।
यह निश्चित तौर पर प्रदेश के 14 लाख उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर है। सरकार का यह कदम जनता को कितनी राहत दे पाता है और इसका खजाने पर कितना असर पड़ता है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।




