भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ, घने जंगलों के बीच रोमांच का नया केंद्र तैयार
36 किलोमीटर लंबी यह जंगल सफारी घने वनों,पहाड़ियों और समृद्ध जैव विविधता से भरपूर है

AINS NEWS… कवर्धा जिले में प्रकृति और रोमांच के संगम के रूप में विकसित भोरमदेव जंगल सफारी का आज रविवार को भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम विजय शर्मा,वन मंत्री केदार कश्यप तथा सांसद संतोष पाण्डेय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का लोकार्पण किया।

करीब 36 किलोमीटर लंबी यह जंगल सफारी घने वनों,पहाड़ियों और समृद्ध जैव विविधता से भरपूर है। लगभग 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले अभ्यारण्य के भीतर तैयार इस सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह सफारी प्रदेश में इको-टूरिज्म को नई पहचान देगी और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। उन्होंने बताया कि इस पहल से स्थानीय युवाओं को गाइड एवं वाहन चालक के रूप में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगल, पहाड़ और जल स्रोत किसी भी क्षेत्र को पर्यटन के रूप में विकसित करने की आधारशिला होते हैं।भोरमदेव क्षेत्र प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है,जिसे अब व्यवस्थित रूप से पर्यटन के लिए विकसित किया गया है।
सांसद संतोष पाण्डेय ने इसे जिले के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि इस परियोजना से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने नेचर गाइड को जिप्सी की चाबी एवं टेंट कैंपिंग सामग्री वितरित की, वहीं महिला स्व-सहायता समूहों को बर्तन किट प्रदान किए गए। इसके पश्चात अतिथियों ने दूरदूरी जलप्रपात तक सफारी भ्रमण भी किया।
सफारी के प्रमुख आकर्षण
टेडगा सालेह ग्रास लैंड,जैतपुरी ग्रास लैंड,बर खोल्हा व्यू प्वाइंट,बकोदा ग्रासलैंड, दूरदूरी झरना, भाई-बहन कोरा, बाज़ार डोंगरी और करियाआमा क्षेत्र प्रमुख आकर्षण के केंद्र होंगे।
भोरमदेव जंगल सफारी न केवल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित की गई है,बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का भी सशक्त माध्यम बनेगी। इस परियोजना से स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।




