RAIPUR

नजूल की जमीन पर बना आलीशान आदित्य होटल, अधिकारियों व नेताओं की मिली भगत से नजूल की जमीनों का कारोबार धड़ल्ले से

लोकमाया अखबार के नाम से ली गई जमीन को अशोक भटनागर ने किसी अन्य को बेच दिया

AINS NEWS… रायपुर के हृदय स्थल जय स्तंभ चौक से चंद कदमों की दूरी पर मौदहापारा रोड पर स्थित आदित्य होटल नजूल की जमीन पर बना है, जी हाँ नजूल ने पट्टा लीज पर यूनाइटेड चर्च आफ नॉदर्न इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन मुंबई को दिया था, यह ट्रस्ट एक एनजीओ के रूप में कंपनीज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 2912 of 38-39 अंडर बीपीटी एक्ट रजिस्ट्रेशन D 97 (बीओएम), रजिस्टर्ड ऑफिस – ओमेगा, 19 अगस्त क्रांति मार्ग, मुंबई 400007 है।

ट्रस्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रेम मसीह व तत्कालीन अध्यक्ष जेवी मल, उपाध्यक्ष प्यूर्ली लिंगदोह की तत्कालीन रायपुर कलेक्टर आरपी मंडल और भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल से मिलीभगत से गास मेमोरियल के पीछे नजूल की जमीन का एक टुकड़ा लोकमाया अखबार के नाम से अशोक भटनागर ने लिया था, प्राप्त जानकारी के अनुसार अशोक भटनागर ने उक्त जमीन को किसी अन्य को बेच दिया है।

अशोक भटनागर

नजूल की जमीन सरकारी जमीन होती है उसका पट्टा जिस उद्देश्य से लीज पर दिया जाता है उस जमीन का प्रयोग उसी कार्य के लिए किया जा सकता है। लीज की जमीन को बेचने का हक किसी को भी नहीं होता है। जिस भूमि को होटल आदित्य के लिए भागीदार फर्म जिसके भागीदार फर्म श्रीमती कमलाबाई थी को बेच दिया है या किराए पर दे दिया गया है, दोनों ही तरीके नियम अनुसार गलत है। लेकिन शासन प्रशासन के अधिकारियों व नेताओं की मिली भगत से नजूल की जमीनों का इस तरह का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।

जय रामदास पिता तखतमल को बेची गई नजूल की जमीन रायपुर शहर के बैरन बाजार स्थित सेंट पॉल हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य के निवास के लिए निर्मित बांग्ला था। उपरोक्त नजूल जमीन को अंग्रेजों के शासनकाल में सन 1800 से 1900 ईसवी सदी में अंग्रेजों के द्वारा मिशनरियों को मसीही धर्म के विकास के लिए संस्थाएं, चर्च, समितियां, स्कूल, हॉस्टल, शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र व अन्य सामाजिक गतिविधियों को चलाने के लिए दिया गया था।

आरपी मंडल – महेश कुकरेजा

यह तो एक प्रकरण है ऐसे हजारों प्रकरण रायपुर और छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में मिल जाएंगे जहां नजूल की जमीन की लीज जिस उद्देश्य से ली गई उस उद्देश्य से उसका उपयोग न करके या तो उसे बेच दिया गया या फिर किराए पर दे दिया गया।

जनरल सेक्रेटरी बी एम मालवीय एवं कोषाध्यक्ष वी.जे. सिरवरिया के साथ जबलपुर के बिशप पी.सी. सिंह ने पत्र क्रमांक UCNITA/2674, 26 सितंबर 2005 को 70 लाख रुपए में जयराम कुकरेजा पार्टनर ऑफ कुकरेजा बिल्डर्स एंड कंपनी को प्लाट नंबर 17/2 ब्लॉक नंबर 18 का 14810 स्क्वायर फीट एरिया बेच दिया जिसकी सेल डीड बाकायदा रजिस्टर्ड कराई गई थी, इस दौरान रायपुर के कलेक्टर थे आरपी मंडल जिनका कार्यकाल 17 मई 2004 से 23 नवंबर 2005 तक रहा। इन्हीं के कार्यकाल में इस नजूल की चर्च वाली लीज की जमीन का सौदा हुआ था, भोपाल का अशोक भटनागर इस खेल का बिचोलिया था।

 

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