बिलासपुर

क्या पुलिसकर्मियों का काम सिर्फ मवेशी हांकना है या व्यवस्था बनाना है? – हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

राज्य सरकार और संबंधित विभागों से एक बार फिर 10 दिन के भीतर शपथपत्र के साथ जवाब मांगा

AINS NEWS… हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने लगातार बढ़ रहे हादसों को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि, क्या पुलिसकर्मियों का काम सिर्फ मवेशी हांकना है या व्यवस्था बनाना है?

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले में राज्य सरकार और संबंधित विभागों से एक बार फिर 10 दिन के भीतर शपथपत्र के साथ जवाब मांगा है। प्रदेश में सड़क हादसों के बढ़ते मामलों को देखते हुए हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी।

जिसके बाद हाईकोर्ट से नियुक्त कोर्ट कमिश्नर ने प्रदेश के कई जिलों से जुटाए गए अधिकृत आंकड़े पेश किए। जिसमें बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार अफसर गंभीर नहीं हैं। नियमों के मुताबिक हर महीने बुलाई जाने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें तक आयोजित नहीं की जा रही हैं।

कोर्ट कमिश्नर ने हाईकोर्ट को बताया कि, 2025 में प्रदेश में कुल 15,484 सड़क हादसे दर्ज किए गए। जिनमें 6,967 लोगों की मौत हुई और 13,156 लोग घायल हुए। वहीं, साल 2026 में 31 मई तक केवल 5 महीनों में 6,891 सड़क दुर्घटनाओं में 3,170 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

सरगुजा जिले में एक साल के भीतर सड़क हादसों में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई। इसके बावजूद कलेक्टर की अध्यक्षता में पूरे साल यानी 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक सड़क सुरक्षा समिति की केवल 1 बैठक बुलाई गई। कांकेर जिले में भी सालभर में महज 1 बैठक ही आयोजित की गई।

बारिश में हाईवे पर बैठे मवेशियों पर नाराजगी

सीजे ने कहा कि बारिश के मौसम में आवारा मवेशी नेशनल हाईवे और मुख्य सड़कों पर बैठे रहते हैं। दिन में स्थिति संभल जाती है, लेकिन रात में लोगों की जान जोखिम में रहती है। ऐसे में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “क्या पुलिसकर्मियों का काम सिर्फ मवेशी हांकना है या व्यवस्था बनाना?”

उन्होंने कहा कि, राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में रोज सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, लेकिन व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।

कोर्ट ने इन बिंदुओं पर जवाब मांगा

  • सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें क्यों नहीं हुईं?
  • अवैध पार्किंग और ओवरलोडिंग रोकने के लिए क्या कार्रवाई हुई?
  • चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए?
  • एनएचएआई के क्षेत्रीय और प्रशासनिक अधिकारी शपथ पत्र के साथ रिपोर्ट पेश करें।
  • सड़क सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की समयबद्ध कार्ययोजना अदालत को बताई जाए।

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