ड्राइवर की हत्या कर कार लूटने वाले 3 दोषियों को उम्रकैद, षड्यंत्र रचकर किया था अपहरण और कत्ल
हत्या कर कार और सामान लूटा तथा साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नहर किनारे फेंक दिया

AINS NEWS… जांजगीर-चांपा जिले में कार चालक का अपहरण कर हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात में प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्या, अपहरण, लूट और साक्ष्य मिटाने के अपराध में प्रत्येक आरोपी पर अलग-अलग 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर छह-छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर के अनुसार, 13 अप्रैल 2024 को आरोपियों ने नए मोबाइल नंबर से डिजायर कार बुक कर चालक रमाकांत तिवारी को कोटमी सोनार से अमरकंटक चलने के लिए बुलाया। रास्ते में तीनों ने पहले हत्या और कार लूटने की साजिश बनाई। देर रात गौरेला-पेंड्रा रोड पर खाना खाने के बहाने कार रुकवाई और चालक का गला दबाकर हमला किया। इसके बाद सड़क किनारे ले जाकर पत्थर से सीने पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई।
शव ठिकाने लगाने की कोशिश, कार छोड़कर भागे हत्या के बाद आरोपी शव को कार की पिछली सीट पर रखकर उसे छिपाने की कोशिश में लगे। गड्ढा खुदवाने के लिए एक नाबालिग की मदद भी ली, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में शव को सारागांव थाना क्षेत्र के लखुर्री नहर किनारे फेंक दिया और कार को अकलतरा थाना क्षेत्र के पचरी के पास छोड़कर फरार हो गए।पुलिस विवेचना और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर राहुल श्रीवास, सोमप्रभात साहू और विवेकपुरी गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया। जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया गया। कोर्ट ने कहा- षड्यंत्रपूर्वक किया गया जघन्य अपराध सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की सभी कड़ियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं और यह स्पष्ट रूप से साबित होता है कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर चालक का अपहरण किया, उसकी हत्या कर कार और सामान लूटा तथा साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नहर किनारे फेंक दिया। अदालत ने तीनों दोषियों को धारा 302, 364, 397/120बी एवं 201 के तहत दोषी ठहराते हुए सभी धाराओं में आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने पैरवी की।




