गरियाबंद

गरियाबंद में पर्यटन, शिक्षा और अधोसंरचना विकास को मिलेगी प्राथमिकता, केंद्रीय विद्यालय एवं पुस्तकालय के लिए होगी पहल

ईको पार्क का होगा पुनर्विकास, निर्माणाधीन सड़कों को जल्द पूरा कराने और स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर कलेक्टर का जोर

AINS NEWS… नवपदस्थ कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने जिले के सभी पत्रकारों, संवाददाताओं एवं मीडिया कर्मियों से परिचयात्मक बैठक की। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय को आवश्यक बताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कलेक्टर ने कहा कि गरियाबंद जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं तथा जिले के प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे, जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री हेमनाथ सिदार सहित सभी मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने कहा कि जिले में केंद्रीय विद्यालय खोलने की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। जिले में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुस्तकालय स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अध्ययन की बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय स्थित ईको पार्क का पुनर्विकास कर उसे बेहतर एवं आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। नागरिकों के साथ पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय में निर्माणाधीन सड़कों का कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा। सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और पर्यटन सुविधाओं से जिले के विकास को नई गति मिलेगी।

कलेक्टर श्री शर्मा ने शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचने और नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था के साथ-साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी शिक्षक पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करें।

 

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