आवारा कुत्तों की नसबंदी, चार महीने में अब तक 1800 से अधिक कुत्तों की की गई नसबंदी
कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने नसबंदी अभियान कर दिया तेज

AINS NEWS… राजनांदगांव शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। शहर की गली-मोहल्लों में कुत्तों के झुंड आसानी से नजर आते हैं और कुत्तों के काटने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने नसबंदी अभियान तेज कर दिया है।

शहर के लखोली क्षेत्र में नगर पालिक निगम द्वारा एबीसी (Animal Birth Control) सेंटर संचालित किया जा रहा है, जहां आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। अप्रैल महीने में शुरू हुए इस सेंटर में अब तक करीब 1800 से अधिक कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।
बताया जा रहा है कि रोजाना औसतन 15 से 20 कुत्तों को पकड़कर सेंटर लाया जाता है। कुत्तों को सेंटर लाने के अगले दिन उनकी नसबंदी की जाती है। ऑपरेशन के बाद उन्हें तत्काल नहीं छोड़ा जाता, बल्कि करीब 4 से 5 दिनों तक पोस्ट-ऑपरेटिव केयर के लिए सेंटर में रखा जाता है। इस दौरान उन्हें पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं, ताकि घाव जल्द सूख सके और संक्रमण का खतरा कम हो।
नसबंदी के बाद कुत्तों को जीपीएस के माध्यम से ट्रैक कर उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। इसके लिए कुत्तों को पकड़ते और वापस छोड़ते समय जीपीएस लोकेशन के साथ फोटो भी ली जाती है, ताकि उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जा सके।
वर्तमान में इस सेंटर में 6 कर्मचारियों और डॉक्टर की टीम द्वारा कार्य किया जा रहा है। वहीं, डॉक्टर ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई कुत्ता काट ले तो इसे हल्के में न लें और तत्काल रेबीज का टीकाकरण करवाएं, क्योंकि रेबीज एक गंभीर बीमारी है।




