झीरम घाटी मामले में कोर्ट ने 10 आरोपियों को विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत दोषी करार दिया
मामला 2013 में दर्ज FIR से जुड़ा है, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने की थी

AINS NEWS… बहुचर्चित झीरम घाटी मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 10 आरोपियों को विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत दोषी करार दिया है। यह मामला 2013 में दर्ज FIR से जुड़ा है, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने की थी। मामले में IPC के साथ Arms Act, Explosive Substances Act और UAPA की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।

10 आरोपी दोषी करार
कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, मामले में प्रमिला मोडियम, चैतू लेकाम उर्फ मुन्ना, सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम, मुक्का मांडवी, कोसा कवासी उर्फ कोसाराम, आयता मरकाम, मदकामी देवा, जोगा मदकामी, बनजामी सन्ना उर्फ चमरू उर्फ डेंगा और महादेव नाग को दोषी ठहराया गया है।
IPC और UAPA समेत कई धाराओं में मामला
केस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 147, 148, 149, 341, 121, 121A, 122, 307, 302, 427, 396, 397 और 120B सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा भारतीय शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27, Explosive Substances Act की धारा 3, 4 और 5 तथा UAPA की धारा 16, 18, 20, 38(2), 39(2) और 40(2) के तहत भी कार्रवाई की गई।
2013 में दर्ज हुई थी FIR
केस रिकॉर्ड के अनुसार NIA/Delhi में इस मामले की FIR संख्या 06/2013 दर्ज है। झीरम घाटी की घटना के बाद मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय तक चली। अब कोर्ट के फैसले में 10 आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया है। दोषसिद्धि के बाद अदालत द्वारा संबंधित धाराओं के तहत दंड के संबंध में आदेश पारित किया जाएगा।




