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B”Day Spl: सुरों की सरताज आशा भोसले ने इस फिल्म में की थी एक्टिंग, दर्शक हो गए थे मुरीद

अपनी दिलकश और सुरीली आवाज से आशा ने हर किसी को अपना दीवाना बना दिया।

ई दिल्लीAINS: हिंदी सिनेमा के सदाबहार गीतों को अपनी आवाज से सजाने वाली गायिका आशा भोसले आज अपना 90वां जन्मदिन मना रही हैं। सुरों की सरताज आशा भोसले पिछले 8 दशक से अपनी आवाज से लोगों के दिलों में आशा की एक अलख जगा रही हैं।

अपनी दिलकश और सुरीली आवाज से आशा ने हर किसी को अपना दीवाना बना दिया। संगीत की देवी और सुरों की साधिका आशा भोसले ने बॉलीवुड में एक से बढ़कर एक सुपरहिट सॉन्ग दिए हैं, जिन्हें आज भी लोग काफी पसंद करते हैं। 20 भाषाओं में 16 हजार से अधिक गानों को अपनी आवाज देने वाली आशा भोसले का नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है।

10 साल से शुरू हुआ आशा भोसले का करियर 10 साल की उम्र से शुरू हुआ उनका ये सफर आज भी जारी है। आज यानी 8 सितंबर 2023 को आशा ताई दुबई में परफॉर्म करेंगी। जिस उम्र में लोग अपनी याददाश्त खोने लगते हैं और उन्हें संभालने के लिए किसी दूसरे शख्स की जरूरत होती है उस उम्र आशा भोसले संगीत की अराधना कर रही हैं। पूरे तीन घंटे खड़े होकर आशा ताई दुबई में परफॉर्म करेंगी। करियर के इस सफर में आशा हमेशा ही एक नया कीर्तीमान रचती आई हैं। बेहद कम लोग जानते हैं कि सुरों की देवी ने एक्टिंग में भी अपना हाथ आजमाया है।

80 साल की उम्र में शुरू की एक्टिंग आशा भोसले ने 80 साल की उम्र में यानी कि आज से 10 साल पहले पर्दे पर भी अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। 2013 में रिलीज हुई मराठी फिल्म ‘माई’ से उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। पर्दे के पीछे की आवाज जब साक्षात पर्दे पर उतर कर आई तो लोग उनकी एक्टिंग के मुरीद हो गए। इस फिल्म से आशा भोसले के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई और यह बात साबित हो गई कि आशा मल्टीटैलेंटेड लोगों में शुमार हैं। ‘माई’ की कहानी बेहद मार्मिक थी, जिसमें बच्चे अपने बूढ़े माता-पिता को वृद्धाश्रम छोड़ देते हैं। आशा ताई ने इस फिल्म में मां यानी माई का किरदार निभाया है, जिन्हें उनके बच्चे बढ़ती उम्र के साथ अकेला छोड़ देते हैं।

निजी जिंदगी में झेला दर्द ‘ओ मेरे सोना रे सोना’, ‘दिल ले गई’,’ कहीं आग लगे लग जावे’, ‘दिल तो पागल है’ जैसे सुपरहिट गानों को अपनी आवाज देने वाली आशा भोसले का निजी जीवन काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा। 16 साल की उम्र में ही उन्होंने 31 साल के गणपतराव भोसले से शादी कर ली थी। अपनी उम्र से दोगुने व्यक्ति से शादी करने के इस फैसले में पूरा परिवार उनके खिलाफ था। यहां तक कि उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर ने भी इस रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं किया। सालों तक एक दूसरे से खफा रहने के बाद आशा ने अपने परिवार वालों से नाता तोड़ लिया। शादी के बाद उनके और गणपतराव के बीच आपसी विवाद शुरू हो गए और एक दिन इस शादी का बेहद दर्दनाक अंत हो गया। साल 1980 में आशा ने खुद से 6 साल छोटे राहुल देव बर्मन से दूसरी शादी कर ली।

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