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प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अरविंद केजरीवाल की 10 दिनों की हिरासत मांगी जा सकती है, आज ही उनकी रिमांड पर भी सुनवाई होनी है

रविंद केजरीवाल की लोकसभा चुनाव से ठीक पहले गिरफ्तारी से राजनीति भी तेज हो गई है

AINS NEWS… दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी की ओर से गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर अर्जी वापस ले ली है। उनकी ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि वह अर्जी वापस लेते हैं क्योंकि आज ही उनकी रिमांड पर भी सुनवाई होनी है। सिंघवी ने जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच को बताया कि आज ही रिमांड पर बहस होनी है। हम उसमें ही अपना पक्ष रखेंगे। कानूनी जानकारों का कहना है कि अरविंद केजरीवाल ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि पहले निचली अदालत में ही पक्ष रखना ठीक होगा। वहां यदि झटका लगता है तो फिर वापस सुप्रीम कोर्ट आ जाएंगे। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट जैसे ब्रह्मस्त्र का पहले ही इस्तेमाल करना ठीक नहीं होगा।

इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अरविंद केजरीवाल की 10 दिनों की हिरासत मांगी जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी कहेगी कि कई लोगों ने शराब घोटाले के मामले में अरविंद केजरीवाल का नाम लिया है। ऐसे में उनका आमना-सामना कराया जाएगा और पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। ईडी की ओर से कोर्ट में कुछ तकनीकी सबूत भी सौंपे जा सकते हैं और उन्हें दिखाकर ही केजरीवाल की हिरासत मांगी जाएगी। इस बीच जानकारी मिली है कि अरविंद केजरीवाल ईडी की गिरफ्त में आने से पहले ही डिनर करके आए थे। उन्होंने ईडी की हिरासत में रात को कुछ भी नहीं खाया।

उन्हें सोने के लिए गद्दा और ओढ़ने के लिए कंबल मुहैया कराया गया था। बता दें कि शराब घोटाले के मामले में के. कविता भी गिरफ्त में हैं। वह तेलंगाना के पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव की बेटी हैं। बता दें कि आम आदमी पार्टी सरकार के ही मंत्री रहे मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन भी जेल में बंद हैं। अरविंद केजरीवाल की लोकसभा चुनाव से ठीक पहले गिरफ्तारी से राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस, सपा और आरजेडी समेत कई दलों ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े रहने की बात कही है।

 

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