रायगढ़

छठ पर्व: साफ-सफाई के बावजूद गंदे पानी में स्नान को मजबूर व्रती

नदी के जल की गुणवत्ता को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए

AINS NEWS रायगढ़: चैत्र छठ पर्व की शुरुआत भक्तिमय माहौल में हो चुकी है, और व्रती छठ घाटों पर पहुंचने लगे हैं। छठ घाट की साफ-सफाई प्रशासन द्वारा करवा दी गई है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। शहर के गंदे नालों का पानी डायरेक्ट नदी में गिरता था उसे साफ करने के लिए करोड रुपए खर्च कर गंदे पानी को साफ करने के लिए प्रोजेक्ट बनाया गया था जिसके तहत, वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था, लेकिन करोड़ों रुपये की लागत से बना वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) अपनी उपयोगिता पर सवाल खड़ा कर रहा है।

व्रती और श्रद्धालु गंदे पानी में स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने को मजबूर हैं। प्रशासन द्वारा घाटों पर सफाई तो कर दी गई, लेकिन नदी के जल की गुणवत्ता को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। यह स्थिति न केवल व्रतियों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी खतरनाक साबित हो सकती है।

हर साल प्रशासन द्वारा किलो गेट खोलकर पानी छोड़ा जाता था, जिससे नदी का गंदा पानी बह जाता और व्रतियों को स्वच्छ जल मिल जाता था। लेकिन इस बार डेम में पानी कम होने का हवाला दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को गंदे पानी में स्नान करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशासन के इस रवैये से नाराज हैं और इसे लापरवाही करार दे रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि करोड़ों रुपये खर्च कर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था, तो उसका लाभ शहर वाशियो को क्यों नहीं मिल रहा? व्रतियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या के समाधान की मांग की है, ताकि आने वाले समय में केलो स्वच्छ हो सके औरश्रद्धालुओं को स्वच्छ जल मिल सके।

 

Related Articles

Back to top button