छत्तीसगढ़

आ रहा तूफान ‘मोंथा’, ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ तक अलर्ट जारी

आईएमडी ने ओडिशा के कई दक्षिणी और तटीय जिलों के लिए 'रेड', 'ऑरेंज' और 'येलो अलर्ट जारी किए

AINS NEWS… भारत के पूर्वी तटों पर इस वक्त प्रकृति का एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है। आ रहा तूफान ‘मोंथा’! यह सिर्फ एक मौसमी घटना नहीं, बल्कि एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने वाला मौसम का ऐसा प्रकोप है, जिसने कई राज्यों की नींद उड़ा दी है। बंगाल की खाड़ी में यह हलचल अब एक गंभीर आपदा का रूप लेती जा रही है, जिसके मद्देनजर ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और यहाँ तक कि छत्तीसगढ़ तक अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र से, जो रविवार को और अधिक निम्न दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील हो गया। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो यह सिर्फ शुरुआत है। यह चक्रवाती प्रणाली अब तेजी से ऊर्जा बटोर रही है और अगले 24 घंटों के दौरान इसके दक्षिणपश्चिम एवं उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की प्रबल संभावना है।

सबसे बड़ी चिंता का विषय है इसकी बढ़ती हुई तीव्रता। मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बाद में इसके उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने, फिर उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने तथा 28 अक्टूबर की सुबह तक एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। इस चक्रवात का नाम चक्रवात मोंथा है और यह धीरे-धीरे पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है।

इस तूफान का सबसे बड़ा खतरा आंध्र प्रदेश पर है। मौसम विभाग का नवीनतम आकलन बताता है कि चक्रवाती तूफान के आंध्र प्रदेश तट पर मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के आसपास से मंगलवार की शाम या रात्रि के समय 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक की अधिकतम हवा की गति वाले प्रचंड चक्रवाती तूफान के रूप में गुजरने की अत्यधिक संभावना है। आप कल्पना कर सकते हैं कि 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं तटीय इलाकों में कैसी तबाही मचा सकती हैं।

तटीय राज्य पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। ओडिशा सरकार ने सभी 30 जिलों को अलर्ट पर रखा है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि आईएमडी ने ओडिशा के कई दक्षिणी और तटीय जिलों के लिए ‘रेड’, ‘ऑरेंज’ और ‘येलो अलर्ट जारी किए हैं’, जो आगामी तबाही का स्पष्ट संकेत है। ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि राज्य के सभी 30 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है और बचाव एवं राहत कार्यों के लिए कर्मी और मशीनरी तैयार हैं। तैयारी इतनी व्यापक है कि ओडिशा में कुछ स्थानों पर 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हो सकती है।

वहीं, पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में भी हड़कंप मचा हुआ है। आंध्र प्रदेश सरकार ने इस आसन्न खतरे को देखते हुए युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। आंध्र प्रदेश सरकार ने मोंथा चक्रवात के आने की संभावना के चलते राहत और आवश्यक आपूर्ति के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना की टीम भी अलर्ट मोड पर है।

यह चक्रवात सिर्फ तटीय इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका व्यापक असर देश के आंतरिक हिस्सों तक देखने को मिलेगा। इधर, चक्रवात मोंथा का असर छत्तीसगढ़ पर दिखेगा। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी इलाकों में 28 से 29 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान है। रायपुर और आसपास के क्षेत्र के लिए यह चिंता की बात है, क्योंकि भारी बारिश से शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में जलजमाव और बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

किस राज्य में कैसा असर देखने को मिलेगा।
ओडिशा में 27 से 30 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रहेगा।
छत्तीसगढ़ में 28-29 अक्टूबर को तेज बारिश का अनुमान है।
झारखंड और बिहार में 29-31 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे छठ पूजा की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28-30 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। पश्चिम बंगाल में तूफान का असर देखने को मिलेगा।

तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के तटीय इलाकों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

यह सिर्फ मौसम का पूर्वानुमान नहीं है, मौसम विभाग ने लगातार अपडेट्स जारी किए हैं और लोगों से अपील की है कि वे इन चेतावनियों को गंभीरता से लें। विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निचले इलाकों को तुरंत खाली कर सुरक्षित आश्रयों में चले जाना चाहिए। मछुआरों को सलाह दी है कि वे अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाएं।

 

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