गरियाबंद

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने 9 आत्मसमर्पित नक्सलियों को 50-50 हजार रूपये का चेक सौंपा

पुनर्वास नीति के तहत आत्मसर्पित नक्सलियों कों कौशल विकास के लिए विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है

AINS NEWS… प्रदेश के साथ-साथ जिले में नक्सल पुनर्वास एवं मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण पहल किया जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर बीएस उइके एवं पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में 9 आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 50-50 हजार रूपये की चेक प्रदान की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार इससे पूर्व भी 17 आत्मसमर्पित नक्सलियों को उनके खाते में राशि उपलब्ध करा दिया गया था।

कलेक्टर श्री उइके ने बताया कि शासन के नीतियों के अनुरूप पुनर्वास नीति के तहत आत्मसर्पित नक्सलियों कों कौशल विकास के लिए विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शासन के आवास नीतियों के तहत उनके लिए आवास बनाने की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ें और एक सम्मानजनक जीवन व्यतीत करें। इस दौरान उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों के पुनर्वास और उनके बेहतर भविष्य के लिए शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को इस अवसर का लाभ उठाकर अपने जीवन को नई दिशा देने और समाज के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

इसी प्रकार पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने कहा शासन के नीतियों के तहत पुर्नवास योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रत्येक आत्मसमर्पित नक्सलियों को 50-50 हजार रूपये दिया जा रहा है। जिले में 26 नक्सलियों को राशि दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि शासन और प्रशासन का उद्देश्य उन्हें सुरक्षित और बेहतर जीवन प्रदान करना है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार के साथ बेहतर जीवन जी सकें। इस अवसर पर अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धिरेन्द्र पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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