दुर्ग

भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती पकड़ी गई, पार्टी ने किया निलंबित

घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौके पर पहुंचे

AINS NEWS दुर्ग… छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भाजपा नेता के खेत में अवैध अफीम की खेती पकड़े जाने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामला सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने नेता विनायक ताम्रकार को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मारकण्डेय द्वारा जारी किया गया है। विनायक ताम्रकार भाजपा किसान मोर्चा के अंतर्गत राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प के प्रदेश संयोजक के पद पर थे। पार्टी ने यह कार्रवाई प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर की है।

दरअसल, 6 मार्च को पुलिस को सूचना मिली थी कि दुर्ग जिले के समोदा गांव में एक खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर छापेमारी की, जहां करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम के पौधे पाए गए। पुलिस ने पूरी फसल को जब्त कर खेत को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध खेती के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

एएसपी मणिशंकर चंद्रा के मुताबिक सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि दुर्ग जिले में अफीम की खेती का यह पहला मामला सामने आया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने देर रात मौके का मुआयना किया, जबकि आज सुबह आईजी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

इधर घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जमीन में अफीम की खेती मिली है, वह सैकड़ों एकड़ में फैली है और लगभग 150 एकड़ चारागाह भूमि पर भी अवैध कब्जा किया गया है।
भूपेश बघेल ने कहा कि दुर्ग जिले में इस तरह की अवैध अफीम की खेती भाजपा सरकार के संरक्षण में हो रही है। उन्होंने मांग की कि पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करे और यह पता लगाए कि अफीम की खेती कब से हो रही थी, इसका नेटवर्क कहां तक फैला है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी खेत की ओर पहुंचने लगे, जिन्हें पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की झूमाझटकी की स्थिति भी बनी। हालात को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी। उनका दावा है कि जमीन अधिया (आधी फसल) पर दी गई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई जारी है।

 

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