छत्तीसगढ़

UPSC ने स्पष्टीकरण मांगा… अब तक राज्य में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति क्यों नहीं

UPSC ने 13 मई 2025 को ही योग्य अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेज दिया था।

AINS NEWS… छत्तीसगढ़ में DGP की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने प्रदेश के मुख्य सचिव विकासशील को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है कि अब तक राज्य में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति क्यों नहीं की गई।

आयोग ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए जवाब तलब किया है।

अवर सचिव की ओर से जारी इस पत्र में उल्लेख है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना (Notification) की प्रति आयोग को नहीं भेजी है।

UPSC ने 13 मई 2025 को ही योग्य अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेज दिया था। नियमानुसार, सरकार को इस पैनल में से किसी एक अधिकारी को ‘तत्काल’ पूर्णकालिक नियुक्त करना था। आयोग ने पूछा है कि 3 जुलाई 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन अब तक क्यों नहीं हुआ? यदि विलंब हुआ है, तो उसका ठोस कारण बताया जाए।

दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने यूपीएससी के पैनल के आधार पर अरुण देव गौतम को डीजीपी तो नियुक्त किया, लेकिन उन्हें ‘पूर्णकालिक’ प्रभार देने के बजाय ‘प्रभारी’ (In-charge) डीजीपी बना दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ‘प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार’ मामले में स्पष्ट कहा था कि किसी भी राज्य में प्रभारी डीजीपी की परंपरा नहीं चलेगी।

हाल ही में 5 फरवरी 2026 को ‘टी धंगोपल राव बनाम यूपीएससी’ मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चार कड़े निर्देश दिए थे। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि नियुक्ति में देरी होती है, तो इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाएगी। कोर्ट के शब्दों में, “देरी के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही सहित आवश्यक परिणाम सामने आएंगे।”

सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई से पहले छत्तीसगढ़ सरकार को या तो अरुण देव गौतम की नियुक्ति को पूर्णकालिक करना होगा या फिर आयोग को ऐसा ठोस कारण बताना होगा जो अदालत को संतुष्ट कर सके। ऐसा न होने पर मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारियों पर अवमानना की गाज गिर सकती है।

 

Related Articles

Back to top button