कांग्रेस की सत्ता आने से स्मार्ट मीटर उखाड़ फेंका जायेगा – अमितेश
बिजली के दाम बढ़ाना जनता पर अत्याचार, कांग्रेस ने किया पांचवीं बार बढ़ोतरी का विरोध

AINS NEWS… प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई नवीनतम बढ़ोतरी का कड़ा विरोध करते हुए इसे आम जनता,किसानों और छोटे व्यापारियों पर आर्थिक अत्याचार बताया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार पांचवीं बार बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं,जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

जिला मुख्यालय के विश्राम गृह में पूर्व पंचायत मंत्री अमितेश शुक्ला और जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को संबोधन में बीजेपी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।वहीं किसानों को भी राहत नहीं मिली है और कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर दी गई है।
आगे उन्होंने कहा कि पहले से ही बढ़े हुए बिजली बिलों से जनता परेशान है। हाल ही में सरकार ने 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) लगाकर अतिरिक्त बोझ डाला था, जिसके बाद अब पुनः दर वृद्धि कर दी गई है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पांच वर्षों में केवल 2 पैसे की वृद्धि की गई थी तथा 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को राहत दी जाती थी।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना बंद कर दी और उसके बाद से लगातार बिजली दरों में वृद्धि कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। पार्टी ने बिजली विभाग पर उपभोक्ताओं को बिल के नाम पर लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिल तीन से चार गुना तक बढ़कर आ रहे हैं।
पूर्व पंचायत मंत्री अमितेश शुक्ला ने दावा किया कि उपभोक्ताओं को एक ही माह में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अलग-अलग बिल भेजे जा रहे हैं। साथ ही बिना उपभोक्ता की सहमति के अनुबंध भार क्षमता बढ़ाई जा रही है, जबकि नियमानुसार उपभोक्ता की अनुमति के बिना ऐसा नहीं किया जा सकता।उन्होंने स्मार्ट मीटरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं।अधिक खपत दिखाकर उपभोक्ताओं का अनुबंध भार बढ़ाया जा रहा है और फिर बढ़े हुए भार के आधार पर अर्थदंड जोड़कर बिजली बिल जारी किए जा रहे हैं। हमारी कांग्रेस की सत्ता आते ही ये स्मार्ट मीटर उखाड़कर फेक दिया जायेगा।
कांग्रेस के अनुसार जून माह में प्रदेश के 45 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के बिल औसत से लगभग तीन गुना तक बढ़कर आए हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। पार्टी का कहना है कि जनता एक ओर बिजली कटौती से परेशान है और दूसरी ओर उसे भारी-भरकम बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बढ़े हुए बिजली बिलों के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं—पहला बिजली दरों में लगातार वृद्धि, दूसरा बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना और तीसरा स्मार्ट मीटरों के कारण अधिक खपत दर्ज होना। पार्टी ने दावा किया कि प्रदेशभर से स्मार्ट मीटरों के संबंध में शिकायतें मिल रही हैं और उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर सामान्य मीटरों की तुलना में अधिक तेजी से चल रहे हैं।
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की भाजपा सरकार ने स्मार्ट मीटरों को वापस लेने का निर्णय लिया है। पार्टी ने छत्तीसगढ़ सरकार से भी जनहित में स्मार्ट मीटर योजना की समीक्षा कर उसे वापस लेने तथा बढ़े हुए बिजली बिलों से जनता को राहत देने की मांग की है।
यह खबर प्रेस वार्ता या कांग्रेस के आधिकारिक बयान के रूप में प्रकाशित करने योग्य शैली में तैयार की गई है।




