यूपीआई पेमेंट सर्विस पर चार्ज लगाने पर विचार नहींः वित मंत्रालय
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई की समीक्षा कर रहा है और यूपीआई के जरिए किए जाने वाले पेमेंट पर चार्ज लगा सकता है

नई दिल्ली।। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई की समीक्षा कर रहा है और यूपीआई के जरिए किए जाने वाले पेमेंट पर चार्ज लगा सकता है। यही कारण है कि इसे इस्तेमाल करने वाले करोड़ देशवासी पिछले दो तीन दिनों से काफी परेशान थे। अब उनके लिए राहत भरी खबर है।

अब वित्त मंत्रालय ने कहा है कि सरकार यूपीआई पेमेंट सर्विस पर किसी तरह का चार्ज लगाने पर विचार नहीं कर रही है। वित मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है कि यूपीआई एक ऐसा डिजिटल प्लैटफॉर्म है जो जनता के लिए अत्यधिक सुविधाजनक है और अर्थव्यवस्था में इसका बड़ा योगदान है। यूपीआई पेमेंट सर्विस पर किसी तरह का चार्ज लगाने का विचार नहीं किया जा रहा है। सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए कॉस्ट रिकवरी के लिए अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
यूपीआई एक रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है, जो एक बैंक के अकाउंट से दूसरे बैंक के अकाउंट में पैसा तुरंत ट्रांसफर करने की सुविधा देता है। खास बात है कि यूपीआई के जरिए रात या दिन कभी भी मनी ट्रांसफर कर सकते हैं। बता दें कि लगातार यूपीआई उपयोग करने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ जुलाई महीने में 600 करोड़ ट्रांजैक्शन किए गए थे। कुल 10.2 लाख करोड़ रुपये की धनराशि का ट्रांजैक्शन किया गया।
सरकार ने 1 जनवरी 2020 को डेबिट कार्ड और यूपीआई को चार्ज मुक्त कर दिया था। ऐसे में प्रत्येत ट्रांजैक्शन पर एमडीआर चार्ज का नुकसान हो रहा था। इसकी भरपाई के लिए ही आर्थिक मदद दी जा रही है। बता दें कि यूपीआई सर्विस ऑनलाइन लेन-देन का सबसे आसान और पॉप्युलर माध्यम बन गया है।




