उत्तर प्रदेश अनोखी शादी : जाति, मजहब और सरहदी दीवार फांदकर विवाह के लिए भारत पहुंची रशिया की जारा
कोरोना के बाद वापस घर आने पर परिवार वालों ने भारतीय हिंदू-रीति रिवाजों से शादी करवाई

देशी छोरे पर एक रशियन लड़की का दिल आ गया. बस अपने प्यार को पाने की चाहत में युवती जाति, मजहब और सरहदी दीवार फांदकर शादी रचाने भारत पहुंच गई. इस शादी की चर्चा खूब हो रही है. रूस की रहने वालीं जारा लाल जोड़े में पिया मिलन की आस लिए तीन देशों की सरहद लांघ आईं. इस विवाह के साक्षी चार देशों के लोग बने

यह अनोखी शादी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में हुई. जारा तीन देशों की सीमा क्रॉस कर भारत के कुशीनगर के रहने वाले डॉ. दीपक सिंह से ब्याह रचाने आ गई. जब ये दुल्हन पहुंची तो हर कोई हैरान रह गया. क्योकि कुशीनगर जिले में इस तरह का पहला मामला था. कुशीनगर रविवार को अंतरराष्ट्रीय शादी की गवाह बनी. कुशीनगर के मंगलपुर गांव में रहने वाला दीपक चार साल पहले मेडिकल की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रिया गया था. वहां जारा, दीपक की सीनियर छात्रा थी, दोनों के बीच प्यार हो गया. इसके बाद दोनों ने शादी कर ली. कोरोना के बाद वापस घर आने पर परिवार वालों ने भारतीय हिंदू-रीति रिवाजों से शादी करवाई
जाति, मजहब और सरहदीं दीवार को लांघकर रशिया की जारा यूपी के कुशीनगर के रहने वाले डॉ. दीपक सिंह से ब्याह रचाने आ गई. दुल्हन के साथ उसके इजराइल, रशियन और अर्जनटिना के विदेशी दोस्त भी शादी देखेने आए. pic.twitter.com/zfMDQ3PeEO
— Ganpat Sahu (@GanapatGautam) July 19, 2022
विदेशी दुल्हन के साथ उसके इजराइल, रशियन और अर्जनटिना के विदेशी दोस्त भी आए. विदेशियों ने भी भारतीय शादी का आनंद उठाया. दूल्हे के भारतीय रिश्तेदार भी मौके पर उत्साहित दिखे. दूल्हा बने डॉ. दीपक सिंह ने बताया कि हम दोनों एक ही यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते थे. ये मेरी सीनियर थी मैं जूनियर था. फर्स्ट ईयर में वहां पर जल्दी पढ़ाई स्टार्ट हो जाती है, इसलिए वो लोग जल्दी पढ़ाई खत्म कर देते हैं. हम लोग यहां पर इग्जाम देते हुए थोड़ा टाइम लग जाता है इसलिए हम जूनियर सीनियर हैं



