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बादल फटने से मची तबाही, बच्ची सहित 4 की मौत, 20 से अधिक लापता

बादल फटने के बाद रात बागी से पुराने कटौला तक दर्जनों परिवारों ने अपने घर छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर रात बिताई है। बागी नाले पर बनाया पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया

हिमाचल प्रदेश।। बारिश ने पूरे देश में तबाही मचा रखी है, कई इलाकों में बारिश के वजह से बाढ़ की स्थिति बन गई है। वही हिमाचल प्रदेश में भी बारिश अपना रौद्र रूप धारण कर रही है। प्रदेश के मंडी और चंबा समेत कई जिलों में हाहाकार मचा है। चंबा जिले में दंपती और उनके बेटे की मौत हो गई है। जबकि मंडी के सराजए गोहर और द्रंग में बादल फटने की घटनाओं में एक की मौत हो गई है। जबकि 15 से 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं। तीनों एनएच मंडी पठानकोट, मंडी कुल्लू और मंडी जालंधर वाया धर्मपुर बंद हो गए हैं। उधर, कांगड़ा जिले में भारी बरसात होने के कारण रेलवे चक्की पुल रात को बह गया। दरारें आने के कारण डेढ़ हफ्ता पहले रेल सेवा बंद कर दी थी। भारी बारिश को देखते हुए कांगड़ा और कुल्लू में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

बादल फटने के बाद रात बागी से पुराने कटौला तक दर्जनों परिवारों ने अपने घर छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर रात बिताई है। बागी नाले पर बनाया पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह कस्बे थुनाग बाजार में भी नाले की बाढ़ ने दर्जनों दुकानों और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। थुनाग बाजार में भी भारी तबाही हुई है।

एडीएम पधर संजीत सिंह ने कहा कि लगातार बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त है। कोटरोपी घटना के खौफ से ऊपर के गांव सराजबागला और जगेहड़ के ग्रामीणों ने गांव एक सुरक्षित स्थान पर जाकर पूरी रात गुजारी। यहां गांव तक पहाड़ी में दरार आई है। जिससे ग्रामीण खौफजदा हैं। उधर, अप्पर कोटरोपी गांव के ग्रामीण भी अब विपरीत दिशा में पहाड़ी से हुए भूस्खलन से सहमे हुए हैं। डीसी मंडी अरिंदम चौधरी के अनुसार, अभी तक एक शव बरामद होने और पंद्रह से ज्यादा लोगों के लापता होने की सूचना है। करोड़ों का नुकसान हुआ है। कुछ वाहन बह गए हैं। कई घर तबाह हो गए हैं।

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