माकपा ने मोदी अडानी का पुतला फूंका, जनविरोधी बजट का किया विरोध, अदानी पर लगे आरोप के जांच की मांग
माकपा के देशव्यापी आव्हान के तहत माकपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर नुक्कड़ सभा की तथा मोदी - अडानी का पुतला फूंका

AINS RAIPUR…मोदी सरकार की जनविरोधी बजट, मंहगाई और अडानी मामले की जे पी सी जांच की मांग को लेकर माकपा के देशव्यापी आव्हान के तहत माकपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर नुक्कड़ सभा की तथा मोदी – अडानी का पुतला फूंका ।

इस मौके पर प्रदर्शनकारियों की सभा को माकपा जिला सचिव मंडल सदस्य कामरेड एस सी भट्टाचार्य, कामरेड राजेश अवस्थी, कामरेड अजय कन्नोजे, माकपा रायपुर जिलासचिव प्रदीप गभने तथा माकपा के कार्यकारी राज्य सचिव कामरेड धर्मराज महापात्र ने संबोधित किया ,वक्ताओं ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि मोदी सरकार के रोटी, रोजगार पर बढ़ते हमलों और मंहगाई से आम जनता के जीवन पर निरंतर हमला जारी है । एक अंतर्राष्ट्रीय रिसर्च संस्था हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा मोदी सरकार के सबसे बड़े मित्र अदानी समूह पर लगाए आरोप के खुलासे के बाद आम जनता की बैंकों और एल आई सी जैसी संस्था में जमा बचत पर भी खतरे उत्पन्न हुए हैं । इस रिपोर्ट के उजागर होने के बाद अदानी समूह के पूंजीकरण में 50 अरब डालर से अधिक की गिरावट आई है । निश्चय ही इसका खामियाजा आम निवेशक ही भुगत रहे हैं । माकपा सहित समूचे विपक्ष की इसकी संयुक्त संसदीय समिति से जांच की मांग को मोदी सरकार अस्वीकार कर रही है । जबकि यह एक महाघोटाला है ।
अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में है । आर्थिक क्षेत्र में बहाली के सरकारी दावे के विपरीत आक्सफेम की रिपोर्ट यह बताती है कि देश की 40% से ज्यादा संपत्ति आबादी के केवल 1% के ही हाथ में है । देश के दस सबसे धनी लोगों की संपत्ति 2022 में 27.52 लाख करोड़ रुपए हो गई है जो 2021 के मुकाबले 32.8% अधिक है । देश में अरबपतियों की संख्या 2020 के 102 की तुलना में करोना के दौर के बावजूद 2022 में 166 हो गई है । जबकि 23 करोड़ जनता गरीबी में जी रही है ।
यह रिपोर्ट यह बताता है की देश की आबादी के सबसे निचले पायदान पर जी रहे 50% लोग अप्रत्यक्ष कर के जरिए अपनी आय के हिस्से के तौर पर धनी 10% आबादी के मुकाबले 6 गुना ज्यादा कर देते हैं । इसलिए यह जरूरी हो गया है कि अमीरों को दी जा रही छूटों को बंद कर उनकी संपदा और पैतृक संपदा पर कर लगाकर खाद्य वस्तुओं सहित सभी आवश्यक वस्तु पर जी एस टी को खत्म किया जाय । आम जनता के खरीदने की ताकत में बढ़ोतरी के कदम उठाए जाएं, रोजगार सृजन के लिए सरकारी निवेश बढ़ाया जाए, मनरेगा में आबंटन बढ़ाकर उसे शहरी गरीबों पर भी लागू किया जाय । लेकिन केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया बजट इन लक्ष्यों को संबोधित करने की बजाय छात्र, युवा, मजदूर, किसान अर्थात जनता पर और हमला बढ़ाकर , सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग के निजीकरण और अमीरों को ही और रियायत का मार्ग प्रशस्त कर रहा है ।
वक्ताओं ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार जनता के इन मुद्दों से ध्यान भटकाने सांप्रदायिक विभाजन के जहर फैलाने में ही लगी है । कभी लव जिहाद, सामान नागरिक संहिता तो कभी धर्मांतरण की आड़ में घर वापसी , कभी गौ रक्षा के नाम पर , वह यही घृणा की मुहिम चला रही है । छत्तीसगढ में बस्तर के आदिवासी क्षेत्रों में आदिवासियों के मध्य ही ईसाई आदिवासी और आम आदिवासी के मध्य नफरत पैदा कर हिंसक कार्यवाहियां भाजपा, संघ और उनके अनुसांगिक संगठन चलाए हुए हैं । इसमें महिला और , बच्चों तक को निशाना बनाया गया है और उनके परिवार में मृत लोगों के अपने जमीन पर ही दफनाने के अधिकार से ही उन्हे वंचित किया जा रहा है ।
माकपा नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार हर स्वतंत्र संस्था पर हमले कर रही हैं, न्यायिक संस्थाएं भी उससे अछूती नहीं है । वे राज्यपालों के जरिए गैर भाजपा शासित राज्यों के अधिकारों पर अतिक्रमण कर देश के संघीय ढांचे पर हमले कर रहीं हैं ।
माकपा नेताओं नेअदानी समूह पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने, रोजगार पैदा करने वाली ढांचागत परियोजनाओं में सार्वजनिक निवेश बढ़ाने, 5 किलो मुफ्त राशन के साथ , साथ 5 किलो सस्ता खाद्यान्न वितरण बहाल किए जाने, अमीरों को दी गई कर छूटों को खत्म कर उनकी संपदा और पैतृक संपदा पर कर लगाने, खाद्य वस्तुओं तथा दवाओं समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं पर से जी एस टी हटाने की भी मांग की ।
पार्टी ने 5 अप्रैल 2023 को इन मांगों सहित किसानों एवं मजदूरों के अन्य मांगो पर आयोजित दिल्ली रैली को भी सफल बनाने का आव्हान किया ।
इस प्रदर्शन एवं पुतला दहन आंदोलन में प्रमुख रूप से मारुति डोंगरे, के के साहू, विभाष पैतुंडी, साजिद रजा, गजेंद्र पटेल, ईश्वर सेन, ललित वर्मा, राजेश पराते, अलेकजेंडर तिर्की, संदीप सोनी, राजेश बाघ, सूरज यादव, ज्योति पाटिल, रिमेश कन्नौजे, करण सोनकर प्रमुख रूप से शामिल थे । पार्टी जिला सचिव प्रदीप गभने ने कहा कि पार्टी का यह अभियान बलोदाबाजार, महासमुंद, गरियाबंद जिले में भी सतत रूप से जारी रहेगा।




