छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 530 पाकिस्तानियों को मिली भारत की नागरिकता, सात वर्षों में जिले में 667 आवेदन आए

आंकड़ों के मुताबिक 2016 में 20 लोगों ने आवेदन किया था, 2022 तक 189 लोगों ने आवेदन किया। पिछले सात वर्षों में जिले में 667 आवेदन आए, जिसमें 530 पाकिस्तानियों को नागरिकता जारी की है। शेष आवेदन प्रक्रियाधीन है

AINS NEWS… आंकड़ों के मुताबिक 2016 में 20 लोगों ने आवेदन किया था, 2022 तक 189 लोगों ने आवेदन किया। पिछले सात वर्षों में जिले में 667 आवेदन आए, जिसमें 530 पाकिस्तानियों को नागरिकता जारी की है। शेष आवेदन प्रक्रियाधीन है

पाकिस्तान से आकर छत्तीसगढ़ में बसे तकरीबन 530 पाकिस्तानी प्रवासियों को भारतीय नागरिकता मिल गई है, अधिकारियों के मुताबिक जिन पाकिस्तानी प्रवासियों को भारतीय नागरिकता दी गई है। ये लोग नागरिकता की आशा में 17 साल से राजधानी में रह रहे थे। नागरिकता प्राप्त करने वाले सभी लोग पाकिस्तान छोड़ भारत में रहने आए हिंदू हैं। आंकड़ों के मुताबिक 2016 में 20 लोगों ने आवेदन किया था, 2022 तक 189 लोगों ने आवेदन किया। पिछले सात वर्षों में जिले में 667 आवेदन आए, जिसमें 530 पाकिस्तानियों को नागरिकता जारी की है। शेष आवेदन प्रक्रियाधीन है।

सरकारी योजनाओं से वंचित 

एडीएम एनआर साहू ने बताया कि भारतीय नागरिकता नहीं होने की वजह से प्रवासी पाकिस्तानियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और सरकारी नौकरियां लेने में परेशानी हो रही थी। 137 लोगों को नागरिकता देने की प्रक्रिया चल रही है, इसके अलावा 23 अन्य मामलों में भी जांच हो रही है और जल्द से जल्द उन सभी को भारतीय नागरिकता देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

रेसिडेंशियल परमिट हर दो साल में

भारत की नागरिकता नहीं मिलने तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय से रेसिडेंशियल परमिट हर दो साल में लेना होता है। जो लोग रह रहे हैं उन लोगों को 12 साल बाद नागरिकता दी जाती है। आवेदन के बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम जांच करती है।

आवेदन कैसे करे 

जिला प्रशासन के मुताबिक मौजूदा समय में दो तरह से आवेदन किया जा सकता है। एक ऑनलाइन माध्यम से और एक प्रशासन द्वारा आयोजित कैंप के माध्यम से। आवेदन के समय 500 रुपए का शुल्क जमा होता है और वेरिफिकेशन के बाद नागरिकता देने के लिए 5 हज़ार का शुल्क देना होता है। साथ ही प्रमाण पत्र देते समय 100 रुपए का खर्च आता है।

 प्रक्रिया: आवेदन करते समय 500 रुपए का शुल्क प्रशासन द्वारा लिया जाता है। आवेदन के साथ सभी दस्तावेजों का वेरिफिकेशन प्रशासन द्वारा किया जाता है। इसके बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाती है।
शासन से यह फाइल गृह मंत्रालय पहुंचती है, जहां दस्तावेजों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाता है। फाइल स्वीकृत होने के बाद इसे फिर शासन और शासन फिर जिला प्रशासन को भेजता है। इसके बाद 5 हजार का शुल्क लेकर नागरिकता का सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है।

नागरिकता ग्रहण करने के लिए जरूरी दस्तावेज़ – एलटीवी यानि लॉन्ग टर्म वीजा। इसमें ध्यान रहे कि नवीनीकरण के समय कभी भी आवेदक डिफाल्टर न रहा हो।

  • आवेदक कम से कम पिछले 7 साल से देश में रह रहा हो।
  • आवेदन से एक साल पूर्व तक आवेदक किसी भी विदेश यात्रा पर न गया हो।
  • आवेदक के पास पासपोर्ट होना आवश्यक है।
  • यदि वह शादी शुदा है तो मैरिज सर्टिफिकेट भी आवश्यक है।

यह हैं नागरिकों के आंकड़े

2016 – 20, 2017 – 27, 2018 – 40, 2019 – 67, 2020 – 84, 2021 – 221

2022 – 189, 2023 – 19

ऑनलाइन प्रक्रिया से आवेदन किए जा रहे हैं, कई लोग आवेदन की प्रक्रिया सही नहीं करते इसलिए आवेदन रद्द हो रहे हैं। जो पूरी शर्तों में पात्र है। निर्धारित प्रक्रिया के बाद उन्हें नागरिकता प्रदान की जा रही है।

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