बिल्डर संजय श्री श्रीमाल ने की वादाखिलाफी, ग्रीन अर्थ सिटी अमलेश्वर के रहवासी बैठे धरने पर, कहा वादा निभाओ
रहवासियों ने अपना धरना ग्रीन अर्थ सिटी सोसाइटी के मुख्य द्वार पर प्रारंभ किया है, जो अनवरत जारी है

AINS RAIPUR…अमलेश्वर नगर पालिका के ग्रीन अर्थ सिटी हाउसिंग सोसाइटी के रहवासियों ने बिल्डर संजय श्री श्रीमाल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धरना शुरू कर दिया है और बिल्डर द्वारा किए गए वादों को बोर्ड पर लिखकर पूरा करने की मांग की है। रहवासियों ने बताया कि 2011 के प्रोजेक्ट ग्रीन अर्थ सिटी को बिल्डर संजय श्री श्रीमाल द्वारा 2023 तक पूरा नहीं किया गया, जिससे उन्हें परेशानी के साथ काफी नुकसान भी हुआ।

रहवासियों ने बताया कि अब तक कॉलोनी में सोलर लाइटें नहीं लगी है, कॉलोनी के चारों ओर बाउंड्री वाल नहीं बनाई गई, पक्का नाला नहीं बनने की वजह से बरसात का पानी कॉलोनी में घुस जाया करता है, बिल्डर ने स्विमिंग पूल का वादा किया था, लैंडस्कैपिंग गार्डन की बात की थी, बास्केटबॉल कोर्ट और बैडमिंटन कोर्ट बनना था, कॉलोनी में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं लगाए गए हैं, स्कूल और खेल के मैदान भी नहीं है ऐसे कई वादे हैं जो बिल्डर संजय श्रीमाल ने रहवासियों से किए थे। बहरहाल रहवासियों ने अपना धरना ग्रीन अर्थ सिटी सोसाइटी के मुख्य द्वार पर प्रारंभ किया है, जो अनवरत जारी है।

धरनारत रहवासियों ने बताया कि बिल्डर संजय श्री श्रीमाल ने योगा और मेडिटेशन सेंटर की भी बात की थी, अपार्टमेंट में तड़ित चालक लगाए जाएंगे ऐसा कहा था, वर्तमान में कॉलोनी में स्थित क्लब हाउस का उपयोग बिल्डर के स्टाफ द्वारा ऑफिस के रूप में किया जा रहा है, सीनियर सिटीजन के लिए मानसरोवर पार्क की बात कही गई थी, सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी शुरू नहीं किया गया, कॉलोनी में स्वास्थ्य सेंटर और पोस्ट ऑफिस भी नहीं है, प्लॉट एरिया में सीमेंट कंक्रीट रोड अभी तक नहीं बनी, रहवासियों ने बताया कि पार्किंग के लिए 30,000/- लिया गया था लेकिन पार्किंग का अधिकार पत्र आज तक नहीं दिया गया, कॉलोनी में जन सुविधा केंद्र नहीं बना कर दिया गया जिसके चलते बाहर से आने वाले लोग खुले में मल मूत्र का त्याग करते हैं, लिफ्ट, पानी पंप और स्ट्रीट लाइट के लिए पावर बैकअप सिस्टम भी नहीं लगाया गया, अधिकांश फ्लैट में सीपेज की समस्या है जिसका समाधान नहीं किया गया, ग्रीन अर्थ सिटी में अपार्टमेंट एक्ट की सोसाइटी और उसके कार्यालय का निर्माण भी नहीं किया गया।




