चंद्रयान-3 की लैंडिंग के बाद चांद का पहला वीडियो भी आ गया, देखिए कैसा दिखाई दे रहा

Moon First Video after Chandrayaan-3 Landing (AINS) : इसरो ने बीते दिन चंद्रयान-3 को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करवाकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही भारत दुनिया का पहला देश बन गया, जोकि चांद के दक्षिणी छोर पर पहुंचा हो।

चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम के चांद पर उतरने के बाद रोवर प्रज्ञान भी बाहर आ गया और अपना काम करना शुरू कर दिया। इस बीच, चंद्रयान-3 की लैंडिंग के बाद पहला वीडियो सामने आया है। हालांकि, यह वीडियो तब का है, जब चंद्रयान-3 चांद पर धीरे-धीरे उतर रहा था। इसरो द्वारा ट्वीट किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि टच डाउन के समय चांद किस तरह का दिखाई दे रहा था। इससे पहले, लैंडिंग के तुरंत बाद लैंडर विक्रम की ओर से चांद की कुछ तस्वीरें भी भेजी गई थीं।
इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन पर ताजा जानकारी देते हुए बताया कि सभी एक्टिविटीज तय शेड्यूल पर हो रही हैं। सभी सिस्टम नॉर्मल बने हुए हैं। इसके अलावा, लैंडर मॉड्यूल पेलोड ILSA, RAMBHA और ChaSTE आज चालू हो गए हैं। रोवर का भी काम करना शुरू हो गया है।
इसरो ने 2.17 मिनट लंबा वीडियो जारी किया है। बताया गया है कि जब 23 अगस्त, 2023 को चंद्रयान-3 चांद पर नीचे उतर रहा था, तब लैंडर पर लगे कैमरे से चांद दिखाई दिया। इसमें चांद पर कई तरह के छोटे और बड़े गड्ढे भी नजर आ रहे हैं। एक तरफ लैंडर विक्रम का हिस्सा दिख रहा है, जबकि दूसरी ओर लैंडर के चांद के और करीब जाते हुए देखा जा सकता है। जैसे-जैसे लैंडर चंद्रमा की सतह के करीब जाता है, वैसे-वैसे वहां मौजूद गड्ढे और स्पष्ट तौर पर व बड़े दिखाई देने लगते हैं।
‘चिह्नित क्षेत्र के अंदर उतरा चंद्रयान-3 का लैंडर’
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान का लैंडर ‘विक्रम’ चंद्रमा की सतह पर चिह्नित क्षेत्र के अंदर उतरा। सोमनाथ ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”लैंडर चिह्नित स्थान पर सही से उतरा। लैंडिंग स्थल को 4.5 किमी गुणा 2.5 किमी के रूप में चिह्नित किया गया था। मुझे लगता है कि उस स्थान पर, और उसके सटीक केंद्र की पहचान उतरने के स्थल के रूप में की गई थी। यह उस बिंदु से 300 मीटर के दायरे में उतरा। इसका मतलब है कि यह लैंडिंग के लिए चिह्नित क्षेत्र के अंदर है।” इसरो ने बुधवार को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस ‘एलएम’ की सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिग कराई। भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ। इसरो ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि लैंडर से रोवर बाहर निकल गया है। इसरो प्रमुख ने एक सवाल के जवाब में कहा कि रोवर अब अच्छी तरह काम कर रहा है।




