RAIPUR

बिल्डिंग मटेरियल उधारी में खरीदा, भुगतान नहीं किया गया, माननीय न्यायालय द्वारा दंड से दंडित

खाते में पर्याप्त निधि नहीं होने के कारण अनादरित हो गया था

AINS NEWS… आशुतोष बसाईवाल निवासी ग्रीन अर्थ सिटी ट्यूलिप 3, फ्लैट नंबर 104 अमलेश्वर तहसील पाटन जिला दुर्ग जो की बिल्डिंग मटेरियल का व्यवसाय करते हैं और नीलकंठ पाथोडे निवासी सेक्टर 3 सुमेर मठ के पास प्रोफेसर कॉलोनी टिकरापारा रायपुर ने उनकी दुकान से बिल्डिंग मटेरियल उधारी में खरीदा था इसके भुगतान हेतु उन्होंने आशुतोष बसईवाल को अपने बैंक का स्वहस्ताक्षरित एक चेक क्रमांक 000013 प्रदान किया था जो कि उनके खाते में पर्याप्त निधि नहीं होने के कारण अनादरित हो गया था। इसके भुगतान की मांग आशुतोष बसई वालों द्वारा की गई किंतु नीलकंठ पाथोडे द्वारा भुगतान नहीं किया गया। इसी कारण आशुतोष बसईवाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से नीलकंठ के विरुद्ध पराक्रम लिखित अधिनियम 1881 की धारा 138 के अंतर्गत परिवाद माननीय न्यायालय नीति न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायपुर के समक्ष दस्तावेजों सहित प्रस्तुत किया जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा परिवाद पत्र को 7273/2023 के रूप में पंजीबद्ध किया और समस्त दस्तावेजों का अवलोकन कर परिवादी तथा अभियुक्त के बयानों को सुनकर आशुतोष बसईवाल के पक्ष में निर्णय पारित किया। न्यायालय द्वारा उक्त परिवाद को के भास्करण, भी शंकर विद्या बालन एवं हरिकिशन, वी सुखबीर सिंह एवं अन्य में प्रतिपादित सिद्धांतों के अनुसार नीलकंठ पाथोडे को 3 माह के साधारण कारावास और सिद्धांत के अनुसार दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 357 (3) के अनुसार चेक राशि 30,400 प्रतिकर से दंडित किया है और व्यतिक्रम होने की स्थिति में पृथक से 15 दिवस का साधारण कारावास के दंड से दंडित किया है।

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