अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरीपुंजे ड्यूटी निभाते देश सेवा करते हुए शहीद
उनकी टीम कोन्टा-गोलापल्ली मार्ग पर एक नया कैंप स्थापित करके लौट रही थी

AINS NEWS… सुकमा में एक बार फिर खून बहा है। इस बार निशाना बने हैं, हमारे देश के एक जांबाज अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरीपुंजे, जो अपनी ड्यूटी निभाते हुए, देश सेवा करते हुए शहीद हो गए। यह घटना तब हुई जब एएसपी गिरीपुंजे सुकमा जिले के कोन्टा डिवीजन में तैनात थे। उनकी टीम कोन्टा-गोलापल्ली मार्ग पर एक नया कैंप स्थापित करके लौट रही थी। जब पुलिस टीम लौट रही थी, तो कोन्टा-एर्राबोर के पास नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आ गए। यह कोई सामान्य विस्फोटक नहीं होता, बल्कि एक ऐसा घातक हथियार है जिसे नक्सली सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए तैयार करते हैं। इसका डिज़ाइन ऐसा होता है कि हल्का सा दबाव पड़ने पर भी यह फट सकता है।

इस भीषण IED विस्फोट में एएसपी आकाश राव गिरीपुंजे को गंभीर चोटें आईं। घटनास्थल पर ही उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। उनके साथ इस विस्फोट में कुछ अन्य अधिकारी और जवान भी घायल हुए। आईईडी विस्फोट में घायल हुए सभी जवानों और अधिकारियों को तुरंत कोन्टा अस्पताल में भर्ती कराया गया। आपातकालीन स्थिति में हर पल महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने अपनी पूरी कोशिश की। घायलों में अतिरिक्त एसपी आकाश राव की स्थिति अत्यंत गंभीर और नाजुक थी। उन्हें बेहतर इलाज के लिए शीघ्र उच्च चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित किया गया, ताकि उनकी जान बचाई जा सके। लेकिन, नियति को कुछ और ही मंजूर था। तमाम कोशिशों के बावजूद, एएसपी आकाश राव गिरीपुंजे को बचाया नहीं जा सका और वो अंततः शहीद हो गए।




