RAIPUR

निजी मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने में चल रहे बड़े भ्रष्टाचार का सीबीआई ने पर्दाफाश किया, पूरा मामला 1.62 करोड रुपए के रिश्वत कांड से जुड़ा

1 जुलाई को रायपुर के रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च में छापा मारा

AINS NEWS… देश भर के निजी मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने में चल रहे बड़े भ्रष्टाचार का सीबीआई ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में रावतपुरा सरकार के नाम से मशहूर रविशंकर महाराज सहित कुल 35 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस रैकेट में राष्ट्रीय एकता आयोग के अधिकारी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अफसर और कई निजी मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर और डॉक्टर शामिल है

सीबीआई ने इस मामले में रायपुर से अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार डॉक्टर और दो महिला कांस्टेबल भी शामिल है। जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला 1.62 करोड रुपए के रिश्वत कांड से जुड़ा है। सीबीआई ने बीते 1 जुलाई को रायपुर के रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च में छापा मारा था। आरोप है कि कॉलेज के डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी ने संस्थान के पक्ष में रिपोर्ट बनवाने के लिए निरीक्षण टीम को 55 लाख रुपए की रिश्वत ऑफर की थी यह ऑफर सीधे एनएमसी जांच दल की प्रमुख डॉक्टर मांजप्पा सी एन को दिया गया था। डॉ मांजप्पा ने सतीश ए ए को हवाला ऑपरेटर से पैसे इकट्ठा करने के निर्देश दिए।

इसके बाद सीबीआई ने पूरे मामले का भंडाफोड़ किया सीबीआई ने इस मामले में जिन प्रमुख लोगों को आरोपी बनाया है उनमें शामिल हैं
रवि शंकर महाराज, अध्यक्ष रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च,
अतुल कुमार तिवारी, डायरेक्टर रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज डॉक्टर अतुल कुंडू
डॉ संजय शुक्ला सेवानिवृत्त आईएफएस और रेरा अध्यक्ष
लक्ष्मी नारायण चंद्राकर, मयूर रावल, आर रणदीप नायर, डॉक्टर मंजूप्पा सीएन,डॉ जीतू लाल मीणा,
मंत्रालय के अधिकारी पूनम मीणा, धर्मवीर, पियूष मालयन, अनूप जायसवाल, राहुल श्रीवास्तव, चंदन कुमार, दीपक कुमार, मनीष समेत अन्य निजी मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर, डाक्टर और बिचौलिए।

बता दें कि सीबीआई ने इन सभी आरोपितों को 5 दिन की डिमांड पर लिया है और पूछताछ कर रही है।
सूत्रों का दावा है कि यह भ्रष्टाचार का रैकेट सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है इसके तार दिल्ली, मुंबई, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान और आंध्र प्रदेश सहित आठ राज्यों के निजी मेडिकल कॉलेज से भी जुड़े हैं। रिश्वत का सारा लेनदेन हवाला के जरिए हुआ है।

 

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