नक्सलियों ने पुन: एक शिक्षादूत की हत्या कर दी
अब तक नक्सली कुल 7 शिक्षादूतों की हत्या कर चुके

AINS NEWS… बीजापुर जिले अंर्तगत गंगालूर थाना क्षेत्र के तोड़का गांव में नक्सलियों ने एक बार फिर एक शिक्षादूत कल्लू ताती की बेरहमी से हत्या कर दी है, मृतक की पहचान कल्लू ताती के रूप में हुई है,
जो गंगालूर क्षेत्र के नेन्द्रा स्कूल में पदस्थ थे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर शाम को स्कूल से लौटते समय नक्सलियों ने उनका अपहरण कर लिया था और देर रात उन्हें मौत के घाट उतार दिया। नक्सली हत्या से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व नक्सलियों ने 27 अगस्त को बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा पर बसे सिलगेर गांव में पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर शिक्षादूत लक्ष्मण बाडसे की हत्या तेज धारदार हथियार से कर दी थी । 29 अगस्त को थाना बीजापुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मनकेली के पटेलपारा निवासी आदिवासी युवक सुरेश कोरसा उम्र 27 वर्ष, पिता लच्छु कोरसा की नक्सलियों ने अपहरण के बाद हत्या कर दी।
गौरतलब है कि बस्तर संभाग के दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में
लंबे समय तक स्कूल बंद रहे। ऐसे में शासन ने स्थानीय युवाओं को शिक्षादूत के रूप में नियुक्त कर स्कूलों को पुनः संचालित करने का प्रयास किया। उनकी वजह से कई गांवों में शिक्षा की लौ फिर से जली है और बच्चे स्कूल लौटने लगे हैं। बंद पड़े स्कूलों के पुनः संचालन के बाद से अब तक नक्सली कुल 7 शिक्षादूतों की हत्या कर चुके हैं। 15 जुलाई 2025 को बीजापुर के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र में इंद्रावती नेशनल पार्क के जंगल में विनोद मड्डे और सुरेश मेटा पर पुलिस मुखबिरी आरोप लगाकर अपहरण के बाद नक्सलियों ने बेरहमी से हत्या कर उनका शव जंगल में फेंक दिया । इससे पहले नक्सलियों द्वारा सितंबर 2024 में बीजापुर जिले के दूरस्थ गांव में बमन कश्यप और अनिश राम पोयाम को उनके घर से उठाकर जंगल में ले जाया गया और गला घोंटकर हत्या की गई, उनके शव के पास पुलिस मुखबिर होने का पर्चा छोड़ दिया गया था। इसी प्रकार नारायणपुर के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के बिनागुंडा गांव में मनेश नरेटी की भी जन अदालत लगाकर हत्या दी गयी। शिक्षादूत मनेश ने 15 अगस्त को नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराया था, जिसे
नक्सलियों ने अपने खिलाफ साजिश मान लिया।




