मुकद्दर का सिकंदर, 1978 की दिवाली पर इतिहास रचने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म
अपने समय में लगभग 17 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कमाई की थी, जो 1978 के हिसाब से एक रिकॉर्ड थी

AINS NEWS… बॉलीवुड के सुनहरे दौर की बात करें तो साल 1978 को भुलाया नहीं जा सकता, क्योंकि इसी साल दीपावली के मौके पर रिलीज हुई थी एक ऐसी फिल्म जिसने सिनेमाघरों में इतिहास रच दिया – ‘मुकद्दर का सिकंदर’ प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी और अमिताभ बच्चन की अदाकारी से सजी इस फिल्म ने रिलीज़ के कुछ ही दिनों में बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी।
यह फिल्म 27 अक्टूबर 1978 को दिवाली से कुछ दिन पहले रिलीज़ हुई थी। त्योहार का उत्साह, बिग बी की बढ़ती स्टार पावर और फिल्म की भावनात्मक कहानी – इन सबने मिलकर इसे उस दौर की सबसे बड़ी हिट बना दिया।

उस समय के दर्शकों में फिल्म को लेकर इतना क्रेज था कि लोग रातभर सिनेमाघरों के बाहर लाइन लगाकर अगले दिन के शो का टिकट खरीदने का इंतजार करते थे। फिल्म में विनोद खन्ना, रेखा, राखी, निरूपा रॉय, अमजद खान और रंजीत जैसे दमदार कलाकारों ने अपने किरदारों से चार चांद लगा दिए थे।
‘मुकद्दर का सिकंदर’ ने अपने समय में लगभग 17 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कमाई की थी, जो 1978 के हिसाब से एक रिकॉर्ड थी। यह फिल्म उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी और अगले सात सालों तक दीपावली की सबसे मुनाफे वाली फिल्म का रिकॉर्ड अपने नाम रखा।
1985 में खुद अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘मर्द’ ने इस रिकॉर्ड को तोड़ा। महज 1 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘मर्द’ ने लगभग 8 करोड़ रुपये की कमाई की अमिताभ बच्चन विनोद खन्ना कि फिल्म का रिकॉर्ड वापस उन्हीं कि फिल्म ने तोड़ा
फिल्म के एक सीन से जुड़ी एक दिलचस्प घटना आज भी चर्चाओं में रहती है। शूटिंग के दौरान एक दृश्य में अमिताभ बच्चन को विनोद खन्ना की ओर एक ग्लास फेंकना था, जबकि विनोद को झुककर बचना था। लेकिन सीन के दौरान टाइमिंग चूक गई और ग्लास सीधे विनोद खन्ना की ठुड्डी पर जा लगा। इस हादसे के बाद चर्चाएं उठीं कि क्या अमिताभ ने यह जानबूझकर किया था, क्योंकि उस समय विनोद खन्ना उनकी लोकप्रियता को टक्कर दे रहे थे। हालांकि, विनोद खन्ना ने हमेशा इस बात का खंडन किया और इसे महज एक शूटिंग एक्सीडेंट बताया।
‘मुकद्दर का सिकंदर’ न सिर्फ एक फिल्म थी बल्कि यह भावनाओं, दोस्ती, प्यार और किस्मत के संघर्ष की कहानी थी जिसने दर्शकों के दिल में अपनी जगह हमेशा के लिए बना ली। आज भी जब दीपावली पर हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी हिट फिल्मों की बात होती है, तो “मुकद्दर का सिकंदर” का नाम सर्वप्रथम लिया जाता है।




