गरियाबंद

मालगांव से तिरंगा चौक तक आस्था की रैली, जयघोष और पुष्पवर्षा के बीच संत इंद्रदेव सरस्वती जी का भव्य स्वागत

नगर में शिवमहापुराण कथा से पहले भक्ति का उत्साह चरम पर पहुँचा

AINS NEWS गरियाबंद… जिले की पावन धरती आज शिवभक्ति के रंग में रंग गई, जब सुप्रसिद्ध कथावाचक श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर संत डॉ. इंद्रदेव सरस्वती जी महाराज (वृंदावन वाले) का गरियाबंद आगमन हुआ। उनके स्वागत में श्रद्धालुओं ने मालगांव से शहर तक भव्य बाइक रैली निकाली और तिरंगा चौक पर पुष्प वर्षा और जयघोष के साथ विशाल स्वागत किया।

नगर में अब अध्यात्म का विराट महोत्सव शुरू होने जा रहा है। 1 दिसम्बर से 7 दिसम्बर तक गांधी मैदान में सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें महाराज श्री अपने दिव्य वचनों से शिवभक्ति, जीवन दर्शन और भगवान भोलेनाथ की महिमा का अमृतपान कराएंगे।

कल से शुरुआत — भव्य कलश यात्रा और वेदी पूजन

कथा का शुभारंभ 1 दिसम्बर मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी को भव्य कलश यात्रा, वेदी पूजन और महात्म्य वाचन के साथ होगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।

कथा के प्रमुख प्रसंगों की झलक

📿 1 दिसम्बर (सोमवार) — कलश यात्रा, वेदी पूजन, महात्म्य वाचन
📿 2 दिसम्बर (मंगलवार) — शिवमहापुराण परिचय, शिवलिंग स्थापना, भस्म–रुद्राक्ष विधि
📿 3 दिसम्बर (बुधवार) — नारद मोह, सृष्टि वर्णन, अर्धनारीश्वर कथा
📿 4 दिसम्बर (गुरुवार) — समुद्र मंथन, पंचमुखी कथा, गंगा अवतरण, श्रीराम जन्म
📿 5 दिसम्बर (शुक्रवार) — शिव चरित्र, पार्वती जन्म, शिव–पार्वती विवाह
📿 6 दिसम्बर (शनिवार) — कार्तिक व गणेश जन्म, गजासुर कथा, दुर्वासा–हनुमान चरित्र
📿 7 दिसम्बर (रविवार) — पंचाक्षर मंत्र, बिल्वपत्र वर्षा, सहस्त्रधारा स्नान, भव्य शोभायात्रा
📿 8 दिसम्बर (सोमवार) — हवन, पूर्णाहुति, महाआरती, भंडारा व प्रसाद वितरण

“गरियाबंद पहली बार इतने भव्य आयोजन का साक्षी बनेगा”

आयोजन समिति के प्रमुख धरमू देवांगन ने बताया—

“यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे नगर के लिए शिवभक्ति का पर्व है। हमारा प्रयास है कि हर श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना से जुड़कर पुण्य लाभ प्राप्त करे। पूरे सप्ताह गरियाबंद का वातावरण शिवमय रहेगा।”

नगर में धार्मिक उत्सव का माहौल

आगामी सात दिनों तक गांधी मैदान अध्यात्म, भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का केंद्र बनेगा। नगरवासी इस दिव्य कथा को लेकर उत्साहित हैं और तैयारियां लगातार जारी हैं।

गरियाबंद में आरंभ हो रहा यह धार्मिक महोत्सव न सिर्फ भक्ति की अनुभूति कराएगा, बल्कि नगर के सांस्कृतिक जीवन में भी नया अध्याय जोड़ेगा।

 

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