छत्तीसगढ़

“भ्र्ष्टाचार के लिए विवेक ढांड, संजय शुक्ला, सुब्रत साहू की साठ गाँठ”, भ्रष्ट अधिकारियों की मिली जुली खबर

सब की नजरें पीएमओ के जांच आदेश पर...

AINS NEWS…. छत्तीसगढ़ के 1981 बैच के पूर्व आईएएस पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड पूर्व रेरा अध्यक्ष और 1987 बैच के पूर्व आईएफ़एस, पूर्व पी.सी.सी.एफ़. (प्रधान मुख्य वन संरक्षक ) और वर्तमान
रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला के भ्रष्टाचार की दास्तान …

”राजस्व मंडल छत्तीसगढ़ बना रहा भ्रष्टाचार का अड्डा”

सुब्रत साहू ने पहले प्रकरण को ग्राहिता में लिया और स्टे आर्डर दिया, आदेश में भ्रष्टाचार की बू का संकेत रहा, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा नेता नरेश गुप्ता की शिकायत पर रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला के खिलाफ पीएमओ ने जांच के आदेश दिए…

छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद विवेक ढांड और उसके चहेते आईएफ़एस अधिकारी संजय शुक्ला के भ्रष्टाचार के कारनामे जग जाहिर हैं | भूपेश बघेल की सरकार में तो इनका भ्रष्टाचार चरम सीमा पर था |

NARAYAN SHARMA

जब जब विवेक ढांड प्रभाव शाली पदों पर रहे तब तब विवेक ढांड ने संजय शुक्ला की पोस्टिंग उन विभागों में करते रहे जहां  वो भ्रष्टाचार कर सके, वे छत्तीसगढ़ हाऊसिंग बोर्ड आयुक्त के पद पर छह वर्षों तक रहे,
सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग में रहे , नया रायपुर अटल नगर के विकास की प्रारंभिक योजना के कार्यों में उनकी प्रमुख भूमिका रही |

वर्ष 2022 में भूपेश सरकार के समय प्रधान मुख्य संरक्षक के पद पर संजय शुक्ला की नियुक्ति विवेक ढांड ने करवाई थी और 1 मई 2023 को स्वेच्छिक सेवानिवृति (वी आर एस ) दिलवा कर विवेक ढांड ने उन्हें अपने उत्तराधिकारी के रूप में रेरा का अध्यक्ष
बनवा दिया क्योंकि भूपेश सरकार का अघोषित रूप से मुख्य सलाहकार विवेक ढांड ही था ? भूपेश बघेल की ऐसी कौन सी कमजोरी थी जिसके कारण विवेक
ढांड की मर्ज़ी के बिना कोई भी निर्णय भूपेश सरकार नहीं ले पाती थी | संजय शुक्ला को रेरा अध्यक्ष बनवाने में विवेक ढांड की अहम भूमिका रही थी | संजय शुक्ला का नाम रावतपुरा मेडिकल कालेज काण्ड की सीबीआई जांच में आरोपी के रूप में आया है, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार संजय शुक्ला के खिलाफ सीबीआई द्वारा चार्जशीट भी दाखिल की गई है उसके बाद भी रेरा के अध्यक्ष के पद पर विराजमान हैं संजय शुक्ला? यह आश्चर्य जनक है कोड आफ कंडक्ट के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है आखिर क्यों नहीं हटाया गया रेरा के
अध्यक्ष के पद से संजय शुक्ला को ?

 

 

 

VIVEK DHANDH

 

विवेक ढांड और संजय शुक्ला की नामी और बेनामी संपत्तियों की लम्बी सूची
1… जब संजय शुक्ला हाऊसिंग बोर्ड के कमिश्नर थे तब जहां हाऊसिंग बोर्ड का प्रोजेक्ट
लाया जाता था, उस क्षेत्र के किसानों की भूमि औने पौने दामों में खरीद ली जाती थी, वहां के किसानों को पता भी नहीं होता था की यहाँ कोई हाऊसिंग बोर्ड का
प्रोजेक्ट आ रहा है |

2… उदाहरण के तौर पर धरमपुरा हाऊसिंग बोर्ड कालोनी में आई ए एस ,आई पी एस और आई ऍफ़ एस एवं जजों के लिए कालोनी निर्माण हेतु वर्ष 2005 में खसरा नम्बर 172,187,241,242,278,312 आदि पर रकबा लगभग 90 एकड़ भूमि आवासीय कालोनी के लिए आवंटित करवाई गई थी|

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विवेक ढांड ने इसी भूमि से लगी हुई भूमि जिसका खसरा क्रमांक 3
182,183,187,162,165,166,167,168,169,172,एवं 293 में रकबा 18.12 एकड़ भूमि विवेक ढांड ने खरीदी थी |

 

SUBRAT SAHU

3… बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड कालोनी
सूत्रों से प्राप्त पुख्ता जानकारी के अनुसार बोरियाकला में हाउसिंग बोर्ड द्वारा वर्ष 2007 – 2008 में खसरा क्रमांक 1493,1495,1496,1498 खसरा की 100 एकड़ भूमि आबंटित कराई गई थी और इससे आस पास की लगी हुई भूमि खसरा क्रमांक 1618/1व 1618/6 संजय शुक्ला के द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती पियूष शुक्ला के नाम, खसरा नम्बर 1618/7व 1618/8 सौम्या अतुल त्रिपाठी यह संजय शुक्ला
की साली है के नाम से, 1618/3 श्रीमती दुर्गेश शरद शुक्ला के नाम से कुल 3 एकड़ जमीन खरीदी और विवेक ढांड ने अपने पिता सतपाल ढांड के नाम से खसरा क्रमांक 1619/1 व 1619/2 के नाम से 3 एकड़ जमीन खरीदी और संयुक्त रूप से कमलेश जैन के नाम से खसरा क्रमांक 1618/5, 1619/3, 1620,1621, 1622,1623,1624, 1625 रकबा 16.00 एकड़ जमीन खरीदी गई थी | सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जब विवेक ढांड के यहाँ आयकर विभाग की रेड पड़ी थी तब पंचशील नगर, सिविल लाइंस नगर निवासी कमलेश जैन के घर पर व दफ्तर में भी रेड पड़ी थी, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कमलेश जैन, विवेक ढांड व संजय शुक्ला की काली कमाई के धन को जमीनों में कालोनियों में और ब्याज के धंधे में लगाता है |

4… कबीर नगर कोटा एवं टाटीबंध हाऊसिंग बोर्ड कालोनी :-
तीनों कालोनियों के मध्य गोगांव में संजय शुक्ला द्वारा पत्नी श्रीमती पियूष शुक्ला के नाम से खसरा क्रमांक 42/15, विवेक पिता एच नारायण भोपाल के नाम से खसरा क्रमांक 42/18, विजय तिवारी के नाम से खसरा क्रमांक 42/19, महेंद्र नारायण पिता श्याम नारायण सिविल लाइन के नाम से खसरा क्रमांक 42/22,  सौम्या पिता एच नारायण के नाम से खसरा क्रमांक 42/24, राजेंद्र पिता सरेश दीक्षित के नाम से खसरा क्रमांक 42/26 तथा अन्य नाम से खसरा क्रमांक 42/28 रकबा में कुल 3.41 एकड़ तथा इन जमीनों के बीच – बीच में उपलब्ध 4 शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 42/16, 42/17, 42/20, 42/21, एवं 42/27 कुल रकबा 9.00 एकड़ पर भी कब्ज़ा किया गया है |

5… पुरैना,व्ही आई पी रोड हाऊसिंग बोर्ड कालोनी :-
पुरैना में विधायकों ,मंत्रियों, एवं सांसदों के लिए कालोनी निर्माण की योजना जैसे बनाई गई थी संजय शुक्ला के द्वारा खसरा क्रमांक 462/2 स्वय के नाम से 410/3,410/8.410/13,461/2,462/3.463/2,463/3,464/2,464/4,466/2,466/9 एवं 466/10 संजय
शुक्ला की बहन शालिनी शुक्ला के नाम से खसरा क्रमांक 463/ 1,464/1,462/5, भाई ब्रिजेशकुमार शुक्ला के नाम व खसरा क्रमांक 409/1 व अन्य नाम से 412/2,412/3, कुल रकबा 6.00 एकड़ जमीन व्ही आई पी रोड में खरीदी गई थी, इस जमीन पर होटल द ग्रांड नीलम वुड, इरिश कैफे एंड बार,वेडिंग लॉन बंकेट्, डीलक्स
रूम्स बने हुए हैं

NARESG GUPTA

6… सडडू हाऊसिंग बोर्ड कालोनी एवं अन्य क्षेत्र
हाऊसिंग बोर्ड के द्वारा गरीबों के लिए जब शासन से
जमीन ली गई थी , उसी समय संजय शुक्ला के द्वारा अपनी भाभी श्रीमती कल्पना शुक्ल एवं अनिल कुमार के संयुक्त नाम से खसरा क्रमांक 174/2 कुल रकबा 1.50
एकड़ जमीन खरीदी गई थी | कुम्हारी हाऊसिंग बोर्ड के पास 100.00 एकड़ तथा सिरपुर रोड पर पप्पू खनुजा के
फ़ार्म हॉउस के आगे 120.00 एकड़ तथा नकटी नया रायपुर में 10.00 एकड़ और दलदल सिवनी में 1.00 एकड़ जमीन खरीदी गई थी|

विवेक ढांड और संजय शुक्ला के द्वारा किए गए पद के दुरूपयोग से कमाई गई आय से अधिक नामी औए बेनामी संपत्तियों जांच होनी चाहिए | विवेक ढांड और उनके परिजनों के नाम पर 300 करोड़ की नजूल की जमीन के
घोटाले के आरोप पहले से ही लगे हुए हैं जिनके 21 प्रकरण रेवेन्यु बोर्ड में चल रहे थे |

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