छत्तीसगढ़

कांग्रेस के लोगों को शराब, कोयला और महादेव सट्टा का पैसा जमीन में खपाना था, इसलिए उन्होंने गाइडलाइन बढ़ने नहीं दी – मंत्री ओपी चौधरी

जहां अधिग्रहण होता है, वहां गाइडलाइन कम होने से किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलता

AINS NEWS… जमीन खरीदी-बिक्री के लिए गाइडलाइन दर बढ़ाए जाने को लेकर विपक्ष के हमलों का सामना कर रही छत्तीसगढ़ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले शासन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने गाइडलाइन दर को जानबूझकर कम रखा, ताकि वे अवैध कमाई का पैसा जमीनों में खपा सकें।

मंत्री ओपी चौधरी ने कहा,“कांग्रेस के लोगों को शराब, कोयला और महादेव सट्टा का पैसा जमीन में खपाना था, इसलिए उन्होंने गाइडलाइन बढ़ने नहीं दी और सिर्फ 10% दर पर जमीनें खरीदी-बेची जाती रहीं।” उन्होंने दावा किया कि इस नीति का सीधा लाभ कांग्रेस और उनके नजदीकी लोगों को मिला, जबकि राज्य के आम नागरिकों और किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

किसानों के हित में जरूरी बताया फैसला

वित्त मंत्री ने कहा, जहां अधिग्रहण होता है, वहां गाइडलाइन कम होने से किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलता। इसलिए गाइडलाइन दर बढ़ाना किसानों के आर्थिक हित से सीधा जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि होने पर उसकी समीक्षा कर सुधार करेगी।

गाइडलाइन दर और अर्थव्यवस्था का संबंध

ओपी चौधरी के अनुसार, गाइडलाइन रेट सिर्फ होम लोन और संपत्ति मूल्यों से संबंधित मुद्दा नहीं है। यह राज्य की आर्थिक स्थिरता, रियल एस्टेट बाजार और किसानों की आमदनी से भी सीधे जुड़ा हुआ है। मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, सीएम के नेतृत्व में सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम एक “दूरदर्शी आर्थिक सुधार” है, जिसका उद्देश्य राज्य की जनता और अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूत करना है।

 

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