क्राइम

अज्ञात युवती की लाश की हुई शिनाख्त, रायगढ़ कोर्ट में जूनियर अधिवक्ता थी मृत युवती

पूंजीपथरा इलाके में 12 मई को जिस अज्ञात युवती की बेहद खौफनाक और नग्न अवस्था में लाश मिली थी

AINS NEWS… रायगढ़ शहर से सटे पूंजीपथरा इलाके में 12 मई को जिस अज्ञात युवती की बेहद खौफनाक और नग्न अवस्था में लाश मिली थी, उसकी शिनाख्त हो गई है। यह जानकर पूरे शहर के पैरों तले जमीन खिसक गई है कि मृतका कोई और नहीं, बल्कि रायगढ़ न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाली एक होनहार युवा महिला अधिवक्ता (Junior Lawyer) थी।

​मूल रूप से लैलूंगा-तमनार क्षेत्र की रहने वाली इस युवती के साथ जिस दर्जे की हैवानियत की गई है, उसने न सिर्फ कानून के रखवालों बल्कि आम इंसान की भी रूह कंपा दी है। हत्यारों ने न सिर्फ बेरहमी से उसका कत्ल किया, बल्कि पुलिस और परिजनों की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसके ही मोबाइल से एक बेहद शातिर ‘डिजिटल साजिश’ भी रची। इस नृशंस हत्याकांड के विरोध में आज रायगढ़ न्यायालय में वकीलों में भारी उबाल है। अधिवक्ता संघ ने काम बंद कर मृतका को श्रद्धांजलि दी और अब उनका एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल रायगढ़ एसपी से मुलाकात कर जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

इस हत्याकांड में दरिंदगी ने अपनी सारी हदें पार कर दी हैं। थाना पूंजीपथरा द्वारा जारी किए गए आधिकारिक इश्तहार (अपराध क्रमांक 108/2026, बीएनएस की धारा 103(1), 238) के विवरण को जो भी पढ़ रहा है, वह सिहर जा रहा है।

​12 मई की दोपहर कटेल टिकरा की शासकीय जमीन पर युवती का शव औंधे मुंह पड़ा मिला था। कातिल कितने बेखौफ और क्रूर थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। गर्दन पर चाकू से वार के गहरे निशान थे। साक्ष्य और पहचान मिटाने के इरादे से हत्यारों ने सिर के पिछले हिस्से में एक भारी पत्थर पटक दिया था और चेहरे को इतनी बेरहमी से कुचला था कि पहली नजर में पुलिस के लिए भी शिनाख्त करना नामुमकिन हो गया था। घटनास्थल पर बिखरे कपड़े और वहां के हालात चीख-चीख कर किसी बड़ी दरिंदगी और गहरी साजिश की गवाही दे रहे थे।

इन्वेस्टिगेशन और पुलिस सूत्रों से छनकर आ रही जानकारी के अनुसार, इस ब्लाइंड मर्डर केस में हत्यारों ने पुलिस की जांच को भटकाने के लिए बाकायदा एक ‘स्क्रिप्ट’ तैयार की थी।​पता चला है कि आखिरी बार जब युवती रायगढ़ स्थित अपने घर से निकली थी, तो उसने अपने दोस्तों को बताया था कि वह पूंजीपथरा में अपने किसी रिश्तेदार के यहां एक ‘फंक्शन’ में शामिल होने जा रही है। लेकिन सबसे खौफनाक पहलू यह है कि युवती की हत्या होने (या लापता होने) के बाद भी उसके परिचितों को उसके मोबाइल से लगातार मैसेज आ रहे थे।

यह कातिलों की एक सोची-समझी चाल थी, ताकि परिजनों और दोस्तों को लगे कि वह सुरक्षित है और उसकी तलाश शुरू करने में देरी हो जाए। कातिल को भागने का वक्त मिल सके। वे मैसेज क्या थे? किसने टाइप किए? और क्या कातिल मृतका का करीबी है? इन सभी सवालों के जवाब अब साइबर सेल की जांच के बाद ही सामने आएंगे।

दूसरों को न्याय दिलाने के पेशे से जुड़ी एक युवा और होनहार महिला वकील के साथ हुई इस बर्बरता ने रायगढ़ के पूरे अधिवक्ता संघ को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। आज शुक्रवार को न्यायालय परिसर में एक विशेष शोक सभा आयोजित की गई, जहां नम आंखों से युवती को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

वकीलों का आक्रोश चरम पर है। शोक सभा के तुरंत बाद वकीलों का एक भारी-भरकम प्रतिनिधिमंडल रायगढ़ SSP  शशि मोहन सिंह से मुलाकात करने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। अधिवक्ता संघ द्वारा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) के माध्यम से भी एक ज्ञापन सौंपा गया है। संघ की स्पष्ट मांग है कि इस अंधे कत्ल की निष्पक्ष और तेज जांच हो और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाए।

​वहीं, रायगढ़ पुलिस का दावा है कि वह इस उलझी हुई हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के बेहद करीब पहुंच चुकी है। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। अब पूरे शहर और न्याय जगत की निगाहें पुलिस के आधिकारिक खुलासे पर टिकी हैं।

 

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