गरियाबंद

साइंस ऑन व्हील्स की कार्यशाला, सेंजेस राजिम के छात्रों ने प्रयोगों से समझा विज्ञान और तकनीक

कक्षा 6 से 10 तक के 100 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए

AINS NEWS गरियाबंद… विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भारत सरकार की इकाई NCSTC के पहल से शुरू हुए साइंस ऑन व्हील्स कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय राम विशाल पांडे उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय राजिम में विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें कक्षा 6 से 10 तक के 100 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। विद्यालय की विज्ञान प्रभारी समीक्षा गायकवाड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम Plaksha युनिवर्सिटी , IIT मंडी एवं ISRO पंजीकृत स्पेस ट्युटर संस्था IDYM फाउंडेशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

इस राष्ट्रीय परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों तक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को सरल, व्यावहारिक और अनुभवात्मक रूप में पहुंचाना है। इसके तहत छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कुल 150 विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक राज्य के 50 विद्यालय शामिल हैं। छत्तीसगढ़ से इसकी शुरुआत की गई है। जिसमें गरियाबंद पुलिस विभाग के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा- निर्देश में शिक्षा विभाग के डीईओ राजेश चंद्राकर के मार्गदर्शन में जिले के कुल 19 विद्यालयों में कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।

इसी कड़ी में सेजेस राजिम में आयोजित कार्यशाला में IDYM फाउंडेशन साइंस ऑन व्हील्स के जिला कोऑर्डिनेटर प्रेमप्रकाश के मार्गदर्शन में टीम सदस्य राजेश राजपूत, आशुतोष शुक्ला, अरूण गोयल एवं उत्तम चौहान ने विद्यार्थियों को स्पेस टेक्नोलॉजी, उपग्रहों की कार्यप्रणाली, रोबोटिक्स, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, सस्टेनेबिलिटी एवं जल संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी। विद्यार्थियों को अंतरिक्ष तकनीक की दैनिक जीवन में भूमिका, रोबोटिक्स के वास्तविक जीवन में उपयोग, भविष्य की उभरती तकनीकों, जल संरक्षण एवं पर्यावरण-अनुकूल जल शोधन समाधानों के बारे में प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से समझाया गया।

लगभग छह घंटे के इस विशेष कार्यक्रम में प्रायोगिक गतिविधियों, लाइव इंटरैक्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। विभिन्न रोचक प्रस्तुतियों एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विज्ञान एवं तकनीक से जुड़े प्रश्न पूछे। कार्यक्रम को सफल बनाने में व्याख्याता समीक्षा गायकवाड़, प्रणीति चंद्राकर, साक्षी जपे एवं जितेन्द्र साहू का विशेष सहयोग रहा। विद्यालय के प्राचार्य बी. एल. ध्रुव ने साइंस ऑन व्हील्स जैसी पहल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करने वाला बताते हुए पूरी टीम को बधाई दी। विद्यालय परिवार ने कार्यशाला को विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, रोचक एवं प्रेरणादायी बताते हुए साइंस ऑन व्हील्स टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

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