गरियाबंद

115 वर्षों से कायम गणपति उत्सव की परंपरा, श्रद्धा और एकता का प्रतीक बना पुराना मंगल बाजार

गणेश उत्सव समिति पुराना मंगल बाजार ‘मंगल हटरी’ के नाम से प्रसिद्ध, पीढ़ियों से वार्डवासी श्रद्धा और भक्ति के साथ कर रहे गणपति की पूजा-अर्चना

AINS NEWS गरियाबंद… नगर के पुराना मंगल बाजार स्थित गणेश उत्सव समिति ‘मंगल हटरी’ का इतिहास आस्था और परंपरा से जुड़ा हुआ है। यहां वर्ष 1911 से भगवान श्री गणेश की स्थापना एवं पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है, जो 115 वर्षों से अधिक समय बाद भी निरंतर जारी है।

वर्ष 1911 में शुरू हुई गणेश स्थापना की यह परंपरा आज क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बन चुकी है। समिति और वार्डवासियों के सहयोग से हर वर्ष गणेश उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

गणेश उत्सव के दौरान बच्चों और मोहल्लेवासियों के लिए कुर्सी दौड़, थाल सजावट, फैंसी ड्रेस, पुष्प हार सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकी सहित विभिन्न आयोजन किए जाते हैं।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलता है और पूरे मोहल्ले में उत्साह का वातावरण बना रहता है।

गणेश विसर्जन के अवसर पर पुराना मंगल बाजार के पुरुष, महिलाएं और बच्चे एकजुट होकर श्रद्धा एवं भक्ति के साथ गणपति बप्पा की अंतिम विदाई में शामिल होते हैं।

यह परंपरा पूरे मोहल्ले की सामूहिक आस्था, एकता और सहभागिता का प्रतीक बनी हुई है।

 

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