ओडिशा के कोरापुट जिले के घने पेटागुड़ा जंगल में हुई कुख्यात नक्सली हिड़़मा की गिरफ्तारी
हिड़़मा के पकड़े जाने के बाद, उसके नेटवर्क, फंडिंग, और हथियारों की सप्लाई चेन को किया जा सकता है ट्रैक

AINS NEWS… कोरापुट जिला पुलिस और डिस्ट्रिक्ट वॉलंटरी फोर्स (DVF) ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया, जिसमें खुफिया जानकारी के आधार पर हिड़़मा को घेर लिया गया।
ऑपरेशन के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ नक्सली छत्तीसगढ़ से ओडिशा की ओर आ रहे हैं।
पुलिस ने जंगल में घेराबंदी की, नक्सलियों ने फायरिंग की, लेकिन पुलिस ने संयम दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की।
हिड़़मा को पकड़ने के बाद, उसके पास से एक AK-47, 35 राउंड गोलियां, 27 इलेक्ट्रिक डिटोनेटर, 2 किलो गन पाउडर, वॉकी-टॉकी, रेडियो, चाकू और नक्सली साहित्य बरामद हुआ।
हिड़़मा को गिरफ्तार करते ही पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया और उसके नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी।
हिड़़मा का नेटवर्क छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में फैला था।
वह 2007 में बाल संगठन ‘बाल संघम’ और ‘जन नाट्य मंडली’ से जुड़ा, फिर 2013 में पार्टी के लोकल ऑर्गनाइजेशन स्क्वाड का हिस्सा बना और 2019 में एरिया कमेटी मेंबर (ACM) बना।
हिड़़मा ने छत्तीसगढ़ के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, और ओडिशा के मलकानगिरी, कोरापुट, और आंध्र के पेदाबैलू इलाके में नक्सली गतिविधियों को अंजाम दिया।
उसकी रणनीति थी, सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करना, ग्रामीणों में डर फैलाना, और जंगलों में छिपकर नेटवर्क चलाना।
हिड़़मा को छत्तीसगढ़ के कई बड़े पुलिस ऑपरेशनों के दौरान पकड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह हर बार बच निकलता था।
हिड़़मा की गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी राहत है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सलवाद की जड़ें गहरी हैं, और हिड़़मा जैसे नेताओं की गिरफ्तारी से नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगता है। राज्य सरकार और पुलिस के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे नक्सलियों के मनोबल पर असर पड़ेगा।
हिड़़मा के पकड़े जाने के बाद, उसके नेटवर्क, फंडिंग, और हथियारों की सप्लाई चेन को ट्रैक किया जा सकता है।
ग्रामीण इलाकों में शांति बहाल करने और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार ने 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है।
हिड़़मा जैसे बड़े नेताओं की गिरफ्तारी से नक्सली संगठन कमजोर होंगे, लेकिन पूरी तरह से खत्म करने के लिए पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच विश्वास बनाना जरूरी है।
सरकार लगातार ऑपरेशन चला रही है, सड़क, स्कूल, अस्पताल जैसी सुविधाएं बढ़ा रही है ताकि लोग मुख्यधारा में आएं।
हिड़़मा की गिरफ्तारी से नक्सलियों में डर का माहौल बनेगा, और कई छोटे नेता सरेंडर कर सकते हैं।





