गरियाबंद में “नेशनल लोक अदालत’ का सफल आयोजन, 95,326 प्रकरणों का निपटारा
85,86,538 /- रूपये ( अक्षरी पच्यासी लाख छियासी हजार पांच सौ अड़तीस रूपये) का एवार्ड/ रिकवरी

AINS NEWS गरियाबंद… राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष / प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर बलराम प्रसाद वर्मा जी के निर्देशानुसार जिला एवं अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद में संचालित सिविल न्यायालयों, राजस्व जिला गरियाबंद के राजस्व न्यायालयों एवं राजिम और देवभोग के न्यायालयों में दिनांक 09 मई 2026 दिन शनिवार को “नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।

उक्त लोक अदालत हेतु तालुका विधिक सेवा समिति गरियाबंद द्वारा 03 खण्डपीठों का गठन किया गया था, तालुका विधिक सेवा समिति गरियाबंद के अध्यक्ष बी०आर०साहू जी द्वारा बताया गया कि उक्त लोक अदालत हेतु उनके न्यायालय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश गरियाबंद की गठित खण्डपीठ में 36 लंबित प्रकरण एवं 660 प्री-लिटिगेशन प्रकरण राजीनामा हेतु रखे गये थे, जिनमें से कुल 11 लंबित प्रकरण का निराकरण करते हुये राशि – 47,50,000/- रूपये ( अक्षरी – सैतालिस लाख पचास हजार रूपये) का एवार्ड पारित किया गया, वही 34 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण करते हुए 3,05,758 /- (अक्षरी तीन लाख पांच हजार सात सौ अंठावन) रूपये का एवार्ड पारित किया गया। इस प्रकार उक्त खण्डपीठ में कुल 45 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 50,55,758 /- ( अक्षरी पचास लाख पचपन हजार सात सौ अंठावन) रूपये का एवार्ड पारित किया गया।
वहीं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रेक विशेष न्यायालय, गरियाबंद श्रीमती गंगा पटेल जी की गठित खण्डपीठ में 1665 प्री-लिटिगेशन प्रकरण राजीनामा हेतु रखे गये थे, जिनमें से कुल 42 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण करते हुए 4,92,978 /- (अक्षरी चार लाख बियान्वे हजार नौ सौ अठहत्तर रूपये) की राशि अदा करायी गयी।

वहीं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, गरियाबंद कु० खुशबू जैन की गठित खण्डपीठ में प्री-लिटिगेशन, लंबित एवं समरी सहित कुल 444 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 415 प्री-लिटिगेशन / लंबित / समरी मामलों का निराकरण करते हुए कुल 5,90,800 /- (अक्षरी पांच लाख नब्बे हजार छः सौ रूपये) की राशि अदा करायी गयी। श्रीमती कांची अग्रवाल न्यायिक मजिस्ट्रेट वरिष्ठ श्रेणी देवभोग की खण्डपीठ में प्री-लिटिगेशन, लंबित एवं समरी सहित कुल 1053 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 1052 प्री-लिटिगेशन / लंबित / समरी मामलों का निराकरण करते हुए कुल 6,63,770 /- (अक्षरी छः लाख तिरसठ हजार सात सौ सत्तर) रूपये की राशि अदा करायी गयी। इसी प्रकार श्री अंशुल वर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राजिम की गठित खण्डपीठ में प्री-लिटिगेशन, लंबित एवं समरी सहित कुल 2125 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 547 प्री-लिटिगेशन / लंबित / समरी मामलों का निराकरण करते हुए कुल 17,83,432 /- (अक्षरी सत्रह लाख तिरासी हजार चार सौ बत्तीस रूपये) रूपये की राशि अदा करायी गयी। इसके साथ ही जिला गरियाबंद के राजस्व न्यायालयों में कुल 93,225 प्रकरणों का निराकरण किया गया एवं न्यायालय गरियाबंद में गठित खंडपीठों एवं राजिम व देवभोग व्यवहार न्यायालयों सहित कुल गया है। इस प्रकार निराकरण किया दिनांक- 09/05/2026 को जिला गरियाबंद में आयोजित नेशनल लोक प्रकरणों का निराकरण कर अदालत में कुल 95,326 2101 प्रकरण की राशि- 85,86,538/- रूपये ( अक्षरी पच्यासी लाख छियासी हजार पांच सौ अड़तीस रूपये) का एवार्ड / राशि अदा कराई गई। तालुका अध्यक्ष / वरिष्ठ न्यायाधीश श्री बी०आर०साहू ने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष / प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर श्री बलराम प्रसाद वर्मा जी के द्वारा समय-समय पर दिये गये निर्देशानुसार नेशनल लोक अदालत के अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद के परिसर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाये गये, महिला बाल विकास विभाग गरियाबंद द्वारा महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित योजनाओं के संबंध में आमजनों को जानकारी प्रदान कर योजनाओं से संबंधित पॉम्प्लेटों का वितरण किया गया, उद्यानिकी विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के फलदार एवं फुलदार पौधों एवं वृक्षों का वितरण किया गया, स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोक अदालत में आये गये पक्षकारों, अधिवक्ताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जन सामान्य का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। तालुका अध्यक्ष / जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश गरियाबंद श्री बी0आर0साहू व अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीएससी गरियाबंद श्रीमती गंगा पटेल एवं कुo खुशबू जैन न्यायिक मजिस्टेट प्रथम श्रेणी गरियाबंद द्वारा न्यायालय परिसर गरियाबंद में उक्त नेशनल लोक अदालत के अवसर पर लगे विभिन्न विभागों, बैंको, विद्युत विभाग व नगरपालिका के इंस्टालों का निरीक्षण किया गया। उक्त विभागों के प्रमुख अधिकारियों एवं बैंकों के प्रबंधकों को उक्त लोक अदालत में पक्षकारों को अधिक से अधिक प्रकरणों के राजीनामा के माध्यम से निपटारा करने हेतु प्रेरित करने हेतु निर्देशित किया गया । राजस्व न्यायालयों में गठित खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारियों के द्वारा लोक अदालत के पूर्व से ही संबंधित पक्षकारों एवं अधिवक्तागण से प्री- सिटिंग कर इस लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु काफी प्रयास किये गये।
इस लोक अदालत को सफल बनाने में खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारीगण, राजस्व अधिकारियों, अधिवक्ता सदस्यगण और प्रकरणों से संबंधित अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारियों, पैरालीगल वालेंटियर्स तथा प्रीलिटिगेशन प्रस्तुत करने वाले अन्य विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों एवं संबंधित पक्षकारों का सराहनीय योगदान रहा।




