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दिल्ली में केवल 14 महिलाओं को मिला ई-ऑटो परमिट, अधिक ब्याज दर के चलते नहीं बिक रहे ऑटो

दिल्ली परिवहन विभाग ने पिछले साल ग्रीन दिल्ली अभियान के तहत शहर में 4,261 ई-ऑटो परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें एक तिहाई, यानी लगभग 1,406 परमिट को महिला चालाकों के लिए आरक्षित रखा गया था।हालांकि, महिला चालकों से मिले 743 आवेदनों में से दिल्ली सरकार अब तक केवल 14 को ही ई-ऑटो परमिट जारी कर पाई है।

ज्यादा बजाज दर के चलते घटा रजिस्ट्रेशन

ई-ऑटो परमिट के लिए आवेदन देने वाली महिला चालकों का कहना है कि इलेक्ट्रिक ऑटो पर ब्याज दर काफी अधिक है, जिसके चलते ई-ऑटो की मासिक किश्त भी ज्यादा है। इसके अलावा लोन लेने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। महिला ग्राहकों का कहना है कि लोन के लिए बैंक में सभी दस्तावेज जमा करने के बाद भी बैंक टाल-मटोल कर रहे हैं। कुछ महिला चालकों ने कहा कि बैंक दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को पूरा करने में देरी कर रहे हैं जिससे उनकी समस्या और बढ़ गई है। कुछ महिला ग्राहकों ने बैंक से लोन पास न होने के चलते आवेदन को सरेंडर भी कर दिया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इलेक्ट्रिक ऑटो बाजार में नए हैं इसलिए उनपर ब्याज दर भी अधिक है। इसलिए समय के साथ ई-ऑटो के ब्याज दरों में भी कमी आएगी। दिल्ली सरकार लोन पर खरीदे जाने वाले प्रत्येक इलेक्ट्रिक ऑटो पर 5 प्रतिशत की सब्सिडी दे रही है जो अधिकतम 30,000 रुपये तक है। इलेक्ट्रिक ऑटो की योजना को दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति (Delhi Electric Vehicle Policy) से क्रमबद्ध किया गया है।

20 साल से दिल्ली में चल रहे हैं सीएनजी ऑटो

बता दें कि दिल्ली में कुल 95,000 ऑटो रजिस्टर्ड हैं जिसकी अधिकतम सीमा 1 लाख तक हो सकती है। दिल्ली सरकार ने शहर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए नया परमिट केवल इलेक्ट्रिक ऑटो को दे रही है। इससे दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार ने चरणबद्ध तरीके से सभी सीएनजी ऑटो को इलेक्ट्रिक में बदलने की योजना भी तैयार की है जिसपर आने वाले कुछ सालों में काम शुरू किया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने अगस्त, 2020 में इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा की थी। अपनी ईवी नीति दिल्ली सरकार ने 2024 तक 24 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को उतारने का लक्ष्य रखा है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स में सब्सिडी दे रही है।

दिल्ली में PUC सर्टिफिकेट हुआ अनिवार्य

दिल्ली में सर्दियों के पहले प्रदूषण से निबटने के लिए सरकार ने वैद्य पीयूसी सर्टिफिकेट (Pollution Under Control Certificate) को अनिवार्य कर दिया है। अब दिल्ली में बगैर वैद्य पीयूसी सर्टिफिकेट के वाहन चलाते पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। यही नहीं, अगर वाहन का पीयूसी नहीं करवाया है तो 3 महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने के साथ 6 महीने की जेल भी हो सकती है।

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